भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के तहत आज 7 से 14 अप्रेल तक आजाद चौक में आयोजन

महावीर गाथा आयोजन की तैयारियां पूरी, सर्वसमाज ने दिखाया भागीदारी के लिए उत्साह

भीलवाड़ा। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के तहत भीलवाड़ा में पहली बार गुरूवार 7 अप्रेल से 14 अप्रेल तक महावीर गाथा का आयोजन होने जा रहा है। शहर के आजाद चौक में प्रतिदिन रात 8.30 से 10 बजे तक उपाध्याय प्रवीणऋषि महारासा के मुखारबिंद से होने वाली महावीर गाथा के आयोजन की तैयारियां बुधवार को पूरी कर ली गई। श्रीवर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ शांति भवन भीलवाड़ा के तत्वावधान में होने जा रहे इस विराट एवं भव्य गरिमामय आयोजन को लेकर शहर में उत्सुकता के साथ उत्साह का माहौल बन चुका है। ये आयोजन केवल जैन धर्म तक सीमित नहीं रहकर सर्वसमाज को इससे जोड़ा गया है। कथाकार उपाध्याय प्रवीणऋषिजी महारासा की भावना के अनुरूप ये आयोजन भीलवाड़ा के इतिहास का यादगार कार्यक्रम बन जाए और हर शहरवासी महावीर गाथा से जुड़े इसके लिए श्रावक संघ के पदाधिकारी हो या महावीर युवक मंडल और शांति जैन महिला मंडल के पदाधिकारी सभी अपने-अपने स्तर पर महावीर गाथा के आयोजन को भव्यता व विराटता प्रदान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। श्रावक संघ के मंत्री राजेन्द्र सुराणा ने बताया कि जैन समाज के अन्य संगठन हो या सर्वसमाज से जुड़े सामाजिक व धार्मिक संगठन हो सभी महावीर गाथा में सहभागी बनने के लिए लोगों को प्रेरित करने में लगे हुए है। शांति भवन श्रीसंघ सर्वसमाज को साथ जोड़ने के लिए विभिन्न धर्मो व समाजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुका है। इसमें विभिन्न धर्म-समाजों के प्रतिनिधियों ने इस आयोजन को यादगार बनाने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उपाध्याय प्रवीणऋषि मसा. के अनुसार महावीर गाथा किसी जैन पंथ या सम्प्रदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि जिनसे ये सारे जन्में है उनसे जुड़ने के लिए है। जो महावीर से जुड़ गया वह तीर्थंकर बन गया। ये प्रवचन नहीं बल्कि कथा है जो सीधे दिल में उतर जाने वाली है और जो दिल में उतर जाता है वह जीवन भी बदल देता है।ये महावीर का प्रवचन नहीं महावीर की उसी तरह गाथा है जिस तरह भागवत कथा और रामकथा होती है। श्रावक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चीपड़ ने बताया कि भीलवाड़ा में पहली बार होने वाली महावीर गाथा के लिए जैन समाज ही नहीं बल्कि जैनेत्तर समाजों में भी उत्साह का माहौल है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के वरिष्ठजनों के साथ युवा व महिला कार्यकर्ता भी पूरी तन्मयता से जुटे हुए है।
जीवन को बदलना सिखाती है महावीर गाथा- उपाध्याय प्रवीणऋषि
उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि म.सा. ने बुधवार को शांति भवन में नियमित प्रवचन में कहा कि महावीर गाथा कोई सूचना नहीं अनुभूति है। अनुभूति से ही जीवन बदलता है। महावीर गाथा बदला लेना नहीं बल्कि जीवन में बदलना सिखाती है। बदला लेने की भावना रखने वाले साधक की संयम आराधना से मोक्षमार्ग का नहीं नरक का जन्म होता है। बदला लेने की भावना समाप्त हो जाने पर राग-द्धेष खत्म हो जाएगा। जीवन में व्यर्थता का अहसास होने पर ही सार्थकता की यात्रा शुरू होती है। उन्होंने कहा कि जिंदगी में असफलता का अहसास होने पर आस्था का जन्म होता है। सारी आशाएं मर जाती है तब आस्था जन्म लेती है। महावीर गाथा आशावादी नहीं बनाती बल्कि ये कहती है कि जब तक तूं संसार से निराश नहीं होगा तब तक धर्म की यात्रा शुरू नहीं होगी। मुनिश्री ने कहा कि गुलामी की पीड़ा नहीं होगी तो मुक्त होने की कामना भी नहीं कर सकते है। संवेग के लिए सबसे पहले पीड़ा की जरूरत होती है। सुख तो सुलाता है पीड़ा ही जगाती है। धर्मसभा में राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश, महासाध्वी मधुकंवर मसा, घनश्याम मुनि, तीर्थेश मुनि, गौतम मुनि, साध्वी प्रतिभाश्री, साध्वी चिंतनश्री आदि का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। संचालन श्रीवर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ शांति भवन के मंत्री राजेन्द्र सुराणा ने किया।
महिला संगठनों ने जताया महावीर गाथा में भागीदारी का संकल्प
महावीर गाथा आयोजन को सफल बनाने के लिए उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि म.सा. के सानिध्य में शांति भवन में गुरूवार को श्री शांति जैन महिला मंडल के तत्वावधान में शहर के विभिन्न धर्म-समाजों के महिला संगठनों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उपाध्याय प्रवीणऋषि मसा. ने महावीर गाथा का महत्व समझाते हुए कहा कि महिलाओं को बच्चों को लेकर परिवार सहित इसे सुनने के लिए प्रतिदिन रात 8.30 बजे आजाद चौक पहुंचना है। शांति जैन महिला मंडल की सचिव सरिता पोखरना ने बताया कि महिला संगठनों की प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि सभी इस आयोजन को सफल बनाने और अपने धर्म-समाज की अधिकाधिक महिलाओं व परिवारों को जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों का स्वागत मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता चौधरी ने किया। बैठक में जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्षा पुष्पा गोखरू, प्रान्तीय अध्यक्षा नीता बाबेल, प्रान्तीय महामंत्री चंदा कोठारी, प्रान्तीय उपाध्यक्ष नेहा चौरड़िया, मंडल की संरक्षक इन्द्रा बापना, पद्मा दरड़ा, मंडल की कोषाध्यक्ष मंजू सिंघवी, उपाध्यक्ष नीतू चौरड़िया आदि पदाधिकारियों सहित दिगम्बर समाज महिला मंडल, तेरापंथ महिला मंडल, मूर्तिपूजक संघ महिला मंडल, माहेश्वरी महिला मंडल, ब्राह्मण समाज महिला मंडल, खंडेलवाल महिला मंडल, अग्रवाल समाज महिला मंडल आदि के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
युवक मंडल ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
महावीर गाथा को सफल बनाने एवं आयोजन स्थल आजाद चौक में समुचित व्यवस्थाओं के लिए श्रीमहावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के सदस्यों ने जिम्मेदारी संभाल ली है। मंडल के पदाधिकारियों के साथ बुधवार को श्रावक संघ के मंत्री राजेन्द्र सुराणा ने चर्चा की और मार्गदर्शन प्रदान किया। सुराणा ने कहा कि मंडल के सदस्यों को सर्वसमाज के लोगों को महावीर गाथा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करना है। मंडल के अध्यक्ष प्रमोद सिंघवी ने कहा कि इस आयोजन को एतिहासिक बनाने के लिए मंडल के सदस्य संकल्पित है। शहरवासियों को निरन्तर इस आयोजन के बारे में जानकारी देकर महावीर गाथा सुनने आजाद चौक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष मनीष सेठी, सहमंत्री गौरव सुराणा, कोषाध्यक्ष मुकेश रांका आदि पदाधिकारी मौजूद थे। उक्त जानकारी निलेश कांठेड़ मीडिया प्रभारी महावीर गाथा भीलवाड़ा ने दी।

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