
जावरा (अभय सुराणा) । मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन सफलता की सबसे बड़ी साधना हैं।ईमानदारी और लगन से की गई साधना आपको सफलता के अनगिनत परिणाम दिला सकते हैं इसे सिद्ध किया सुहानी पिता संजय सुराणा ने जिसने…… एमएससी योगा थेरेपी विवेकानंद विश्वविद्यालय बेंगलुरु की मेरिटलिस्ट में प्राप्त किया एक कीर्तिमान भी स्थापित किया….यह अपने आप में एक मिसाल व सभी के लिए एक गर्व का विषय भी हैं।कॉम्पिटिशन के इस दौर में यह सब एक चुनौती जैसा था लेकिन धैर्य,लगन,अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति ने सुहानी बेटी को सफलता के शिखर पर पहुंचाया। वर्तमान समय में एक महत्ती आवश्यकता विद्यार्थी का अनुशासन में रहना बहुत जरूरी हैं तब ही यह सफलता संभव हैं…साथ ही किस्मत सिर्फ मेहनत करने से बदलती हैं बैठकर सोचते रहने से नहीं.. 22 अप्रैल 2022 शुक्रवार को संपन्न हुए विवेकानंद विश्वविद्यालय बेंगलुरु के दीक्षांत समारोह के यादगार पल।