गौ माता संस्कृति का प्राण पर्यावरण का आधार और स्वास्थ्य की औषधि का भंडार है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

चित्तौड़गढ़ (श्री महावीर सौभाग्य गौशाला लॉगच) 26 अप्रैल 2022 । गौ माता संस्कृति का प्राण पर्यावरण का आधार और स्वास्थ्य की औषधि का भंडार है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि पशु रक्षा की बात करके हम उन पर एहसान नहीं कर रहे हैं बल्कि अपने आप की रक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सिंथेटिक नकली दूध कैंसर हार्ड अटैक जैसी बीमारियां और अकाल मौत का शिकार बनाएगा।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विदेशों में गाय के साथ कुछ समय बिताना हो 18000 की फीस देनी होती है पंचगव्य की शक्ति का लोहा पूरा संसार मानता है।
जैन संत ने बताया कि पशुधन हीरे पन्ने माणक मोती से कीमती है सृष्टि की अनमोल धरोहर है । ग्राम सरपंच ने मुनि कमलेश की प्रेरणा से 5 बीघा जमीन बिना नाम की गौशाला को देने का आश्वासन दिया । वृंदावन और मथुरा के रूप में विकसित करने की भावना प्रकट की। इस अवसर ‌पर वरिष्ठ श्रावक इन्द्रमल लोढ़ा,मोहनलाल झामड,मिठुलाल लोढ़ा,पवन‌ पटवारी,संगीता चीपड सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।