



श्री बदलापुर। परोपकार सम्राट के सुशिष्य परम पूज्य प्रवचनदक्ष मालवरत्न मुनिराज श्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा. तपस्वीरत्न मुनिश्री जनकचंद्र विजयजी मसा आदि ठाणा की पावन निश्रा में एवं निति सूरीजी समुदाय के 95वी औलीजी की आराधिका साध्वी जी श्री समर्पणश्री जी ठाणा 6 की पावन उपस्थिति में धूमधाम से संपन्न हुआ। इसमें मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी कमलजी लुनिया आहोर भिवंडी से बाबुलालजी जैन, भूपेंद्रजी मुथा ठाणा से सुरेश जी पुनमिया निर्मलजी जैन बोरीवली से गिरिश महेता अंबरनाथ से शान्तिलालजी संघवी, राजेंद्रजी वेदमुथा, सुमित जैन, दीपक जैन उपस्थित थे। परोपकार सम्राट के जीवन पर सभी ने प्रकाश डाला। मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.साहेब ने कहा गुरु का ऋण उतारने के लिए एक जीवन भी कम है। मुनिश्री जनकचंद्रजी ने कहा हमारे गुरुदेव का उपकार हम पर विशेष रूप से हे एवं आज भी उनके आशीर्वाद की वर्षा हो रही है तथा उनके जीवन के मुख्य बिंदु पर प्रकाश डाला। धर्मसभा में अतिथियों ने गुरुदेव श्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। गुरुपद महापूजन का लाभ गुरुदेव श्री के चित्र समक्ष गवली वासक्षेप पूजा एवं दीप प्रज्वलन का लाभ बाबुलाल जी सुराणा परिवार को मिला परोपकार सम्राट के चित्र पर पुष्प माला अर्पित करने का लाभ अंबरनाथ के भीनमाल निवासी शान्तिलालजी संघवी ने लिया। धर्मसभा के पश्चात सकल श्रीसंघ स्वामीवात्सल्य का लाभ स्वर्गीय सविता बेन रमेश जी रूपावत परिवार को प्राप्त हुआ। श्रीसंघ के ट्रस्टी देवेंद्रजी ने सभी का आभार माना और कहा गुरुदेव श्री के चरणो में वंदना की एवं बदलापुर श्रीसंघ परोपकार सम्राट के उपकार को सदैव याद रखेंगे। संगीत प्रस्तुति महेंद्र जैन भिवंडी एवं हेनिल जैन सूरत ने दी । विधिकारक कांतिभाई मोरखिया ने सुंदर विधि कराई। श्रीसंघ की ओर से लाभार्थी परिवार का बहुमान किया गया ।