किसी भी समस्या का विकल्प दिए बिना विरोध करने का कतई अधिकार नहीं है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

निंबाहेड़ा श्री जैन दिवाकर भवन 3 मई 2022 । किसी भी समस्या का विकल्प दिए बिना विरोध करने का कतई अधिकार नहीं है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने अक्षय तृतीया पारना महोत्सव संबोधित करते कहा कि मात्र विरोध करना समस्या को लटकाए रखना अधर्म और पाप है।
उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने समस्या के समाधान को ही धर्म का प्राण बताया है महापुरुषों ने समस्या समाधान के लिए अपने आपको न्योछावर कर दिया।
मुनि कमलेश ने बताया कि दुर्भाग्य है आज धर्म समस्या बनकर खड़ा हो गया है धर्मांध स्वार्थी और अज्ञानी लोगों के कारण। राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि जितना समय शक्ति और धन विरोध में लगाते है इतने में तो समस्या का समाधान निकल आता है
जैन संत ने बताया कि विरोधी भी अच्छे काम करें उसको मंजिल तक पहुंचाने के लिए निस्वार्थ भाव से सहयोग देने वाला सच्चा धार्मिक है। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ निंबाहेड़ा के तत्वाधान मे राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश तपस्वी घनश्याम मुनि तपस्वी गौतम मुनि तीनों के वर्षीतप तपस्या मैं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच महिला शाखा राजकोट गुजरात की मंत्री आशा शाह की अध्यक्षता में समारोह प्रारंभ हुआ। श्री संघ अध्यक्ष मोतीलाल राका, जैन मंत्री आनंद सालेचा, ज्ञानचंद जी ढेलावत, हस्तीमल दुग्गड, कन्हैलाल बम, केसरीमल संघवी, महेंद्र तलेसरा, मिट्ठू लाल जी पगारिया, जैन दिवाकर युवक परिषद के अध्यक्ष कमलेश दुग्गड, डॉ एम जैन, हिमांशु मारू, मुकेश बम, अजीत वीरवाल, विमल वीरवाल, दिवाकर महिला मंडल जैन दिवाकर कमल गो सेवा संस्थान जैन दिवाकर बहू मंडल ने पारने का चौबीसी के कार्यक्रम का आयोजन आज भी रखा और 4 मई को दोपहर 2:00 बजे दिवाकर भवन में रखा है जैन दिवाकर कमल गौशाला के अध्यक्ष के महामंत्री शांतिलाल जी मारू ने बताया कि तपस्या के उपलक्ष में 5 मई को गौशाला में दिवाकर कमल गौ सेवा महिला मंडल की वाटर कूलर भेंट किया जाएगा। ओर से दिवाकर मंच के युवा कार्यकर्ता पारस जैन ने कहा कि तपस्या के पावन प्रसंग पर मांगरोल के अंदर विहार धाम बनाने का प्रस्ताव पास किया पदयात्रा में पुलिस प्रशासन की सेवाएं ताकि प्रशंसनीय रही।