इंदौर में बंधु बेलड़ी आचार्य श्री की निश्रा में दीक्षा पर्व सम्पन्न
रतलाम में 26 मई को एक साथ तीन दीक्षाएं


इंदौर । बाल मुमुक्षु सिद्धम जैन नूतन दिक्षार्थी के रूप में अब पू.बाल मुनिराज श्री श्रीचन्द्रसागर जी म.सा. बन गये है। उनकी दीक्षा जिनशासनरत्न बंधु बेलड़ी आचार्य श्री जिनचंद्रसागरसूरिजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में रविवार को हिंकारगिरी तीर्थ नवकार वाटिका में सम्पन्न हुई । इस भव्य संयम समारंभ में देशभर से आये समाजजनों ने मात्र दस वर्ष की आयु में वीर पथ पर प्रस्थान करने वाले नूतन दीक्षार्थी के संयम भाव की अंतर्मन से अनुमोदना की ।
महानगर इंदौर में आयोजित 6 दिवसीय दीक्षा पर्व के उपलक्ष्य में विभिन्न श्रीसंघों में आचार्य श्री का प्रवेश सामैया, दीक्षार्थी वर्षी दान वरघोड़ा , बहुमान एवं व्याख्यान के कार्यक्रम रखे गये । इसी उपलक्ष्य में रेसकोर्स श्री संघ से भव्य वर्षीदान वरघोडा शनिवार को निकला। इसमें रतलाम के बाल मुमुक्षु ईशान कोठारी, जुड़वाँ बहनें पलक – तनिष्का चाणोदिया भी शामिल हुए। उत्सवी और उत्साही वातावरण ने मुक्तहस्त से सांसारिक वस्तुओं को लुटाया। बेंड व ढोल की थाप पर थिरकते- झूमते कदमों ने महानगर इंदौर को झुमा दिया।
रतलाम के दीक्षार्थी भी शामिल हुए
मुमुक्षु द्धम रथ में मछलीनुमा आकृति पर सवार होकर अपने संयम जीवन में प्रवेश के अवसर की खुशियाँ को झूमते नाचते अभिव्यक्त कर रहे थे। बाल मुमुक्षु ईशान कोठारी खुली जीप में सवार थे जबकि जुड़वाँ बहनें पलक – तनिष्का चाणोदिया रथनुमा बग्घी में सवार होकर वर्षी दान करते चल रही थी। मार्ग में जगह जगह तीनों ही मुमुक्षुओं का स्वागत वंदन कर अनुमोदन किया गया। कार्यक्रम में रतलाम, झाबुआ, इंदौर, मंदसौर एवं नीमच जिले से बड़ी संख्या में समाजजनों ने शामिल होकर मुमुक्षुओं के संयम भाव की अंतर्मन से अनुमोदना की। इंदौर के प्रमुख मार्गो से होकर वरघोडा बास्केटबाल ग्राउंड पर पहुंचा। यंहा मुमुक्षुओं लाभार्थी राजेन्द्र लोढ़ा परिवार टांडा, श्री जैन श्वेता. तपगछ उपाश्रय ट्र्स्ट, रेसकोर्स रोड एवं आयोजक नवकार परिवार की और से बहुमान किया गया।
छोटी उम्र में बड़ा काम
दीक्षा पर्व में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए बंधु बेलड़ी आचार्य श्री ने फरमाया कि संयम के बिना जीवन का परम लक्ष्य नहीं प्राप्त किया जा सकता है। बाल मुमुक्षु और जुड़वाँ बहनों ने बहुत ही छोटी उम्र में संयम जीवन अंगीकार करने के समाज के समक्ष एक बड़ा आदर्श प्रस्तुत किया है। इनका संयमी जीवन समाज में बड़ों के लिए निश्चित ही प्रेरणादायक बनेगा। चारों ही दीक्षार्थियों ने अपना मनुष्य जन्म सफल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुमुक्षुओं का जिनशासन के प्रति अहोभाव अभिनंदनीय एवं अनुकरणीय है।
अगले सप्ताह तीनों दीक्षाएं
रतलाम में बाल मुमुक्षु ईशान कोठारी रतलाम, जुड़वाँ बहनें पलक – तनिष्का चाणोदिया की दीक्षाएं 26 मई को जेएमडी परिसर में होने जा रही है। जिसे निश्रा प्रदाता बन्धु बेलड़ी आचार्यश्री का मई के तीसरे सप्ताह में रतलाम में भव्य प्रवेश होगा।