भाव के अंकुर को वृक्ष के रूप में परिवर्तित करने वाला सहयोग देने वाला ही सच्चा धार्मिक है – राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश

डूंगला महावीर भवन 18 मई 2022 । किसी आत्मा की उपेक्षा करना उपहास उड़ाना साक्षात धर्म और परमात्मा का अपमान करने के समान है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि उपहास करने पर अगली आत्मा किसकी को पैरों तले रौंद ने के समान है।
उन्होंने कहा कि उपहास जहर के समान और अनुमोदना अमृत के समान है ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण हे।
मुनि कमलेश ने बताया कि भाव के अंकुर को वृक्ष के रूप में परिवर्तित करने वाला सहयोग देने वाला ही सच्चा धार्मिक है ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विश्व के सभी महापुरुषों ने निराशावादी को आशावादी बनाकर सफलता के शिखर पर पहुंचाया । जैन संत ने कहा कि पापी और धार्मिक आत्मा की उपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए पोस्ट में आशा का संचार करने पर वह भी पवित्र महान आत्मा बन सकती है अंगुलिमाल अर्जुन माली ऐसी घटना इतिहास की साक्षी है श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ डूंगला की ओर से मंत्री कनक मल दक शेषमल की दाणी सुंदरलाल नागौरी धर्मी चंद पीतलिया मानमल लसोड एवं जैन दिवाकर महिला मंडल ने संगीता भंडारी का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया 19 मई का प्रवचन भी महावीर भवन में होगा।

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