आध्यात्मिक संस्कृति से ही महापुरुषों का उद्गम हुआ है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

बड़ी सादड़ी जैन दिवाकर सामायिक भवन 28 मई 2022 । संस्कृति की रक्षा में ही धर्म गुरु और परमात्मा की सुरक्षा निहित है । आध्यात्मिक संस्कृति से ही महापुरुषों का उद्गम हुआ है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कहा कि ऋषि मुनियों के ज्ञान से निर्मित ज्ञान युक्त संस्कृति से ही हिंदुस्तान को विश्व गुरु बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि संस्कृति से ही संस्कारों का निर्माण होता है वह चरित्र निर्माण में ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मुनि कमलेश के कहा कि आध्यात्मिक संस्कृति विश्व को सच्ची शांति सुख और समृद्धि स्वास्थ्य शिक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा प्रदान कर सकती है धन वैभव पद प्रतिष्ठा नहीं। राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आध्यात्मिकता की दुहाई देने वाले पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंगे हुए अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। जैन संत ने बताया कि विश्व में सबसे प्राचीन भारतीय संस्कृति जो विज्ञान को भी दिशा प्रदान कर रही है।
गोपाल सत्संग आश्रम महाराज ने भौतिकवाद की चकाचौंध में संतों का निर्माण होना यार सांस्कृतिका ही चमत्कार है दोनों महान संतों का मधुर मिलन हुआ गोरक्षा नशा मुक्ति राष्ट्रीय एकता पर्यावरण आदि विषयों पर सामूहिक कार्यक्रम का निर्णय लिया हिंसा भ्रष्टाचार आतंकवाद भ्रूण हत्या धार्मिक कट्टरता के खिलाफ वैचारिक क्रांति का जन-जन ने शंखनाद किया जाए सुदर्शनाचार्य जी ने राष्ट्रसंत का आश्रम मैं अभिनंदन किया । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से 30 मई को छोटी सादड़ी में मुनि कमलेश के सानिध्य में महिला सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है।

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