श्री राजपूत नवयुवक मंडल न्यास एवं महिला मण्डल रतलाम द्वारा आयोजित सम्मान एवं पुरूस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

रतलाम। सलाह नहीं साथ चाहिए, आग लगाने वालों में नहीं, आग बुझाने वालों में नाम होना चाहिए । प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। प्रतिभाओं को संकल्प लेकर चलना चाहिए । उक्त व्यक्तव्य श्री राजपूत नवयुवक मंडल न्यास एवं महिला मण्डल रतलाम द्वारा आयोजित चार दिवसीय आयोजन के अंतिम दिवस पुरूस्कार वितरण, राजपूत रत्न, प्रतिभा सम्मान एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री नारायणसिंह जी चिकलाना ने कहीं ।
आपने कहा कि शौर्य पराक्रम की प्रतिभा क्षत्रियों की पंरपरा रही है । समय-समय पर देश की रक्षा हेतु वीर प्रतिभाएं क्षत्रिय समाज में जन्म लेती रही है । वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप का चरित्र क्षत्रिय का परिचायक है जो हमें साहस प्रदान करता है। इतिहास वीरों का होता है ।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप एवं श्री छत्रसाल बुंदेला की जन्म जयंती एवं श्री राजपूत नवयुवक मंडल न्यास एवं महिला मंडल रतलाम के 62 वें वार्षिक उत्सव के तहत चार दिवसीय महोत्सव के तहत आज अंतिम दिवस अखंड ज्ञान आश्रम के महंत श्री स्वरूपानंदजी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप ने धर्म को नहीं छोड़ा इसलिए सनातन धर्म की रक्षा हुई है । किसी समय क्षत्रिय थे तो धर्म था जहां-जहां क्षत्रिय रहे वहां धर्म रहा। आपको अपने अपनी रक्षा स्वयं करना होगी । उसके लिए संगठित होना पडेगा । संगठन में ही शक्ति निहित है। जहां-जहां क्षत्रियों का शासन रहा वहां धर्म की रक्षा होती रही है। वर्तमान में छात्रों को महाराणा प्रताप का जीवन चरित्र पढ़ कर उससे प्रेरणा लेना चाहिए ।
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप एवं श्री छत्रसाल बुंदेला की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया ।
अध्यक्ष श्री राजेन्द्रसिंह गोयल ने बताया कि आयोजित सम्मान एवं पुरूस्कार वितरण समारोह में सर्वप्रथम श्री राजपूत रत्न से श्री राजेन्द्र सिंह पंवार को सम्मानित किया गया। श्री प्रेमसिंह सिसौदिया को वरिष्ठ समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही श्रीमती मंजुला गेहलोत को वरिष्ठ समाजसेवा हेतु सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कक्षा १२ वीं में व १० वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। वहीं १०० एवं २०० मीटर दौड़, साफा धारण, तलवारी बाजी, चेयररेस, रंगोली, स्लो साईकिल रेस आदि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय रहे विजेताओं को भी पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर राजेन्द्रसिंह गोयल, किशोर सिंह चौहान, डाडमसिंह राठौर, शैलेन्द्रसिंह देवड़ा, मनोहरसिंह चौहान, सुरेश सिंह जी चावड़ा, भारतसिंह सोलंकी, नरेन्द्रसिंह सोलंकी, जोगेन्द्रसिंह सिसौदिया, महेन्द्रसिंह राठौर, महेन्द्रसिंह राठौर, देवीसिंह राठौर, शम्भूसिंह सिसौदिया, राजेश सिंह चौहान, श्रीमती राजेश्वरी राठौर, श्रीमती कविता देवड़ा, श्रीमती गायत्री चौहान, श्रीमती प्रीति सोलंकी, श्रीमती जया गोयल, श्रीमती गीता देवी राठौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित ेथे । कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र सिंह गोयल ने किया एवं आभार प्रदर्शन शैलेन्द्रसिंह देवड़ा द्वारा व्यक्त किया गया ।

Play sound