

रतलाम। देश पर मरने वाले लोग श्रेष्ठ होते है, पर उनसे भी श्रेष्ठ वे लोग होते है जो देश के लिये जीते है।” अपने जीवन से मैं कीतना समय देश को दे सकता हुँ। यही मेरी देश भक्ति है। यह बात रविवार को छत्रपति शिवाजी के राज्याभिषेक की जयंती पर आयोजित शौर्य यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह संतोष कपडिया ने कही, मंच पर मध्य में छत्रपति शिवाजी महाराज की छवि लिए श्रवण चौधरी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता 28 वर्षो तक देश को अपनी सेवाएं प्रदान करने वाले पूर्व सेनिक सूबेदार कर्नल महेंद्र सिंह गोहिल ने की।
अतिथि परिचय मणिभद्र कटारिया ने दिया, तुषार चौधरी व सुरेंद्र अवताड़े ने शिव गर्जना से शिवाजी महाराज का जय घोष किया, एकल गीत प्रखर जोशी ने लिया तथा समापन में वन्देमातरम के लिये सरस्वती संगीत महाविद्यलाय से तरुण नाथानी व प्रद्युम्न सिंह थे। आभार गौरव मूणत ने माना। मंच संचालन रागिनी यादव ने किया।
12 जून रविवार को दोपहर 3:30 बजे जैन स्कूल सगोद रोड़ से हिन्दू साम्राज्य शौर्य यात्रा प्रारम्भ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुएँ नेहरू स्टेडियम में समाप्त हुई।
शौर्य यात्रा के सफल आयोजन के लिये समिति संयोजक गौरव मूणत ,सह संयोजक विनोद शर्मा,मणिभद्र कटारिया, चिराग भट्ट, पुष्पराज तंवर, विप्लव जैन, रविन्द्र पाटीदार, शुभम चौहान, राजेश कटारिया, महावीर चौहान, कृष्णा डिंडोर, शुभम कुमावत, मंथन मुसले, धीरज व्यास, श्रेयांश सुरणा, डॉ. जितेन्द्र वर्मा, राहुल सोनी, मुन्नू कुशवाह आदी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।