

नीमच 13.6.2022 । समाज या परिवार देश और संसार के प्रति वफादार व्यक्ति ही आदर्श व्यक्ति होता है। किसी के भी प्रति नमक हराम होना नर्क का गामी होने के बराबर होता है। उपकारी के चरणों में सर्वस्व समर्पित करें तभी धार्मिकता में प्रवेश मिलता है। जो वफादार होता है वही धर्म परायण होता है माता-पिता अभी बाबा गुरु तीन कारण चुकाए बिना आत्मा कल्याण नहीं होता है यदि मनुष्य अपने शरीर के चमड़े की जूती बनाकर भी माता पिता का कर्ज उतारे तब भी वह ऋण से उऋण नहीं हो सकता है धर्म के प्रति वफादार बिना धर्म सार्थक सिद्ध नहीं होता है यह बात राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने कही। वे वीरपार्क रोड स्थित श्री वर्धमान जैन स्थानक भवन मेंसोमवार सुबह 9बजे आयोजित जन जागृति धर्म सभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा किजो सुख सत्संग से मिलता है वह संसार में और कहीं नहीं मिलता है।धर्म की उपासना पद्धति कई बार एक-दूसरे को नीचा या ऊंचा दिखाने के लिए होती है जो कि धर्म के लिए घातक सिद्ध हो सकती है चेतक घोड़ा वफादार था इसी प्रकार हमें अपने मालिक के प्रति वफादार होना चाहिए आज के युग में जिस ने आगे बढ़ाया लोग उसी को मिटा कर आगे बढ़ना चाहते हैं यह आधार में है मानव की आदत यूज एंड थ्रो बन रही है उपकारी के ऊपर को परमात्मा समान होता है उपकारी परमात्मा का दूसरा रूप है उपकारी के उपकार को देखते हैं उसके दुर्गुण को नहीं उपकारी को अनदेखा करना आत्मा का अपमान करना होता है एक बार बादशाह हुमायूं नदी में डूब रहे थे तब एक 203 उनकी जान बचा ली थी तब स्त्री ने उन्हें 1 दिन का बादशाह बनाया तब उसी में चमड़े के सिक्के चलाए और अपनी पूरी जाति समाज का कल्याण किया था इसलिए हम व्यक्ति विशेष का स्वार्थ नहीं सोचे और जाति समाज और राष्ट्र के कल्याण के बारे में सोचें तभी हमारा जीवन सफल सिद्ध हो सकता है 1% से ऊपर होता है इस प्रकार की मिट्टी को सीखने का ज्ञान प्राप्त किया हम को बचाने का प्रयास करता है हम भी मरते दम तक धर्म पुण्य का काम करना चाहिएगुरु का कर्ज सेवा भक्ति से उतरता है समुद्र नदियां को अपने अंदर समा लेता है और सागर बन जाता है हम भी सागर की तरह संसार के सभी को दर्शाने के लिए शक्ति रखें तभी हमारे जीवन का कल्याण होता है जी महाराज 36 कॉम को कल्याण करते हुए जल बिना जीवन नहीं कोरोनावायरस इन के महत्व को समझाइए पर्यावरण पेड़ पर कार्य करें और पर्यावरण की रक्षा करने में सभी सहयोगी बने मोक्ष से बड़ी धरती है भगवान भी धरती पर साधना करने आए थे पर्यावरण का संरक्षण करें । संत गौतम मुनि मसा ने कहा कि साधु गाय के समान आचरण करता है जीवन में यदि अपना कल्याण करना है तो प्रतिदिन ध्यान सत्संग करना चाहिए। धर्म को पहचाने बिना सफलता नहीं मिलती है। जियो और जीने दो की राह पर चलकर ही धर्म में सफलता प्राप्त की जा सकती है। धर्म सभा में पंडित रत्न उदय मुनि जी महाराज साहब द्वारा मांगलिक श्रवण करवाकर आशीर्वाद प्रदान किया गया।
धर्म सभा में संत घनश्याम मुनि कौशल मुनि त्रिलोक मुनि अक्षय मुनि आदि का सानिध्य में मिला । धर्म सभा में गौतम मुनि द्वारा मंगलाचरण किया गया।