


नीमच । जीव दया विश्व मैत्री का प्रमुख आधार है । शाकाहार से मित्रता परिवर्तन ला सकती है। महापुरुष विश्वमित्र की बात करते हैं लेकिन आज घर-घर में भाई-भाई में पिता-पुत्र में पड़ोसी पड़ोसी नफरत की आग से जल रहा है। धर्म कहां है नफरत का जहर फैलाना आतंकवाद की जननी है। कर्म अच्छे होंगे तो परिवर्तन हो जाएगा । कृष्ण सुदामा की मित्रता का लोग पालन क्यों नहीं करते हैं चिंतन का विषय है। कृष्ण सुदामा ने संसार को एक अद्भुत मित्रता का उदाहरण प्रस्तुत किया लेकिन ऊंच-नीच में भेदभाव नहीं मिटा रहे हैं। छोटा बड़ा अमीर गरीब प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि नेता के व्यवहार में अंतर क्यों कर रहे हैं ।अधिकारी नेता को सम्मान देते हैं लेकिन एक साधारण आदमी गरीब आदमी का सम्मान नहीं मिलता है। चिंतन का विषय है ।यह बात राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कही। वे वीरपार्क रोड स्थित श्री वर्धमान जैन स्थानक भवन में मगंलवार सुबह 9बजे आयोजित जन जागृति धर्म सभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा प्रेम घट रहा है देश की स्थिति दही नहीं होती जा रही है आखिर कब परिवर्तन आएगा।लोग गाय को पानी पिला रहे हैं गरीब को अनुदान कर रहे हैं लेकिन एक संत को सम्मान नहीं दे रहे हैं चिंता का विषय है यह पुष्पलता है यह इस बनता है पंत ने समाज को भजन कर दी विभाजन कर दिया है जबकि संत तो समाज को संगठित करते हैं हमें विचार करना होगा चिंतन का विषय है ।मानव मानव से प्यार नहीं कर रहा है भगवान से क्या कर पाएगा ।नफरत का जहर बम के समान होता है ।सांप के मुंह में जहर है। उससे एक दो इंसान मरेंगे लेकिन इंसान की नफरत से हजारों इंसान मरते हैं ।धर्म में नफरत अलगाववाद टकराव मनमुटाव नहीं होना चाहिए। धर्म के नाम पर होने वाले अलगाववाद घातक हिंसा के समान है ।आत्मा का पतन कर रहे हैं। दुश्मनी आत्मा का शत्रु है। इंसान को राक्षस बना देगी। पूरे विश्व में एक ही पॉप को अनेक अनुयाई मानते हैं लेकिन हमारे यहां विभिन्न पंथ व संत हैं चिंता का विषय है ।एक पॉप की दया से कई कैदियों की आत्मा में परिवर्तन आ जाता है। लेकिन भारत में विचारों से क्रांति आती है चिंता का विषय है ।हमारी दृष्टि जैसी होगी सस्ती वैसे ही होगी।चिराग बोहरा मुंबई वाले प्रभु गुण गाने तुझे तुझको जाना ही पड़ेगा इस जहान से तू अपनी जुबान से मधुर कर्णप्रिय गीत प्रस्तुत किया ।भंवरलाल देशलेहरा ने अपनी रचना प्रस्तुत की। संत गौतम मुनि मसा ने मैं भी धर्म सभा को संबोधित किया धर्म सभा में पंडित रत्न उदय मुनि जी महाराज साहब द्वारा मांगलिक श्रवण करवाकर आशीर्वाद प्रदान किया गया। धर्म सभा में संत घनश्याम मुनि कौशल मुनि त्रिलोक मुनि अक्षय मुनि आदि का सानिध्य में मिला । धर्म सभा में गौतम मुनि द्वारा मंगलाचरण किया गया।