रतलाम। पुलिस थाना बरखेडाकला जिला रतलाम के विशेष प्रकरण क्रमांक 05/2018 में माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) श्री अरूण कुमार खरादी द्वारा आज दिनांक 21.06.2022 को पारित अपने निर्णय में आरोपी परमानन्द को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18(ख) में दोष सिद्ध पाते हुऐ 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा कुल 1,00,000/- रूपए (एक लाख रूपए) के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा।
शासन की ओर से पैरवीकर्ता सुश्री सीमा शर्मा, विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) के द्वारा बताया गया कि घटना दिनांक 15.03.2018 को थाना बरखेडाकला पर पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एम.एल.बावरिया को मुखबिर ने संदेही व्यक्ति का हुलिया बताते हुऐ सूचना दी कि चम्बल नदी के पास बरखेडाकला कला की तरफ आम रोड पर एक व्यक्ति है जिसके हाथ में ली हुई थैली में अफीम है, यदि उसे तत्काल नही पकडा तो किसी वाहन में बैठकर अफीम लेकर चला जाएगा। सूचना पर विश्वास कर आरक्षक मनोज चौधरी को स्वतंत्र साक्षी तलब करने के लिए रवाना किया गया। आरक्षक मनोज दो स्वतंत्र साक्षियों को लेकर वापस थाने पर आया। सउनि एम.एल.बावरिया ने इन दोनो स्वतंत्र साक्षियों एवं थाने पर उपस्थित पुलिस फोर्स को मुखबिर सूचना से अवगत कराया। मुखबिर सूचना पंचनामा और सर्च वारण्ट न प्राप्त कर सकने का पंचनामा बनाकर मुखबिर सूचना के संबंध में प्रतिवेदन एसडीओपी आलोट को भेज दिया। सउनि एम.एल. बावरिया, आर. मनोज, आर. विजेश, आर. असलम और दोनो स्वतंत्र साक्षियों और अनुसंधान के लिए आवश्यक सामग्री को साथ लेकर शासकीय वाहन से मुखबिर द्वारा दी गई सूचना के अनुसार चम्बल नदी पर जहॉ तलाश करने पर संदेही व्यक्ति हाथ में थैली लिए चम्बल नदी बैरियर के पास खडा दिखा। जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। जिसे घेराबंदी कर पकडा और नाम व पता पूछा तो उसने अपना नाम परमानन्द होना बताया। उसे सउनि बावरिया ने मुखबिर सूचना से अवगत कराया, परमानन्द के हाथ में ली हुई थैली की तलाशी लेने पर उसके अन्दर 04 किलो अफीम पाई गई। जिसे जप्त कर जप्ती पंचनामा बनाया तथा मौके पर अन्य कार्यवाही कर वापस थाने पर आकर अपराध क्रमांक 31/2018 दिनांक 15.03.2018 पर प्रथम सूचना दर्ज की। विवेचना के दौरान आरोपी परमानन्द से पूछताछ करने पर उसने बताया कि यह अफीम उसे हरिशंकर उर्फ अध्यक्ष पिता बगदीराम धाकड निवासी ग्राम ऐरा थाना नाहरगढ जिला मन्दसौर ने दी थी और कहा था कि यह चैनसिंह पिता भगवानसिंह सौंधिया राजपुत उम्र 44 वर्ष ग्राम कडाईमाता किशनगढ थाना ताल जिला रतलाम को देना है।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र दिनांक 07.09.2018 को विशेष न्यायालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा आरोपी परमानन्द को दोषसिद्ध किया गया तथा आरोपी चैनसिंह का आपराधिक षडयंत्र में शामिल होना प्रमाणित नही होने से उसे धारा 8/29 सहपठित धारा 18बी एनडीपीएस एक्ट के आरोप से दोषमुक्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि आरोपी परमानन्द घटना दिनांक 15.03.2018 से ही निरूद्ध होकर जिला जेल रतलाम में निरूद्ध है। प्रकरण में आरोपी हरिशंकर फरार है तथा जप्तीकर्ता सउनि मांगीलाल बावरिया की मृत्यु हो जाने के कारण उनकी साक्ष्य नही कराई जा सकी है।