रतलाम । पुलिस थाना स्टेशन रोड जिला रतलाम के विशेष प्रकरण क्रमांक 08/2010 में माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) श्री अरूण कुमार खरादी द्वारा आज दिनांक 23.06.2022 को पारित अपने निर्णय में आरोपीगण सलीम एवं बालाराम को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15(ग) में दोषसिद्ध पाते हुऐ 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक – एक लाख रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा।
शासन की ओर से पैरवीकर्ता सुश्री सीमा शर्मा, विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट)_ के द्वारा बताया गया कि थाना स्टेशन रोड की चौकी सालाखेडी पर पदस्थ उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा को दिनांक 20.05.2010 की मध्य रात्रि में फोन से मुखबिर ने सूचना दी कि तीन व्यक्ति पटवा अभिकरण के सामने महू नीमच रोड पर काले रंग के झोले लेकर खडे है उनके पास डोडाचूरा है। सूचना पर विश्वास कर उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा ने दो स्वतंत्र साक्षियों को एवं तराजूबाट बुलवाए तथा इन साक्षियों जगदीश, राधेश्याम एवं पुलिस बल को मुखबिर सूचना से अवगत कराकर, साक्षियों एवं पुलिस बल प्र.आर. जगदीश यादव, प्र.आर. प्रेमनारायण वर्मा, आरक्षक नवीन, आरक्षक राजेश बक्क्षी तथा आवश्यक अनुसंधान सामग्री को साथ में लेकर मोटरसाईकिलों से मुखबिर द्वारा बताए स्थान पर पहुचे, वहा तीन व्यक्तियों को पकडकर उनका नाम व पता पूछा तो एक ने सलीम और दूसरे ने बालाराम और तीसरे ने प्रकाश पिता ईश्वरलाल लालवानी निवासी दलौदा का होना बताया। तीनों आरोपीगणों के पास कुल 7 बैग थे। इन्हे उपनिरीक्षक ने मुखबिर सूचना से अवगत कराया और उनके कब्जे के सातों बैग की तलाशी लेने पर उनमें कुल 52 किलो 750 ग्राम डोडाचूरा भरा मिला। आरोपी सलीम के कब्जे के दो बैग से कुल 17 किलो 150 ग्राम डोडाचूरा और बालाराम के कब्जे से मिले 3 बैग से कुल 22 किलो और प्रकाश के कब्जे से मिले 02 बैग से 13 किलो 600 ग्राम डोडाचूरा मिला। जिसे जप्त कर जप्ती पंचनामा बनाया तथा मौके पर अन्य कार्यवाही कर वापस चौकी पर आकर अपराध दर्ज किया जिसके आधार पर थाने पर असल अपराध क्रमांक 237 दिनांक 21.05.2010 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर तीनो आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र दिनांक 19.07.2010 को विशेष न्यायालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा आरोपीगण सलीम एवं बालाराम को दोषसिद्ध किया गया। तीसरा आरोपी प्रकाश फरार होने के कारण उसके संबध में प्रकरण का निराकरण नही हो सका है।