किसी उदासीन चेहरे पर मुस्कान लाने का जो निस्वार्थ भाव से प्रयास करता है वह धरती पर चलता फिरता फरिश्ता है- राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मल्हारगढ़ जैन स्थानक 23 जून 2022 । किसी उदासीन चेहरे पर मुस्कान लाने का जो निस्वार्थ भाव से प्रयास करता है वह धरती पर चलता फिरता फरिश्ता है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि उदासीनता का शिकार मानव हीन भावना से ग्रसित होकर नार कीय जीवन जीता है ।
उन्होंने कहा कि उसका भीतरी आनंद और उल्लास के क्षण नष्ट हो जाता है आत्महत्या तक करने को उतारू हो जाता है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि उदासीनता से आत्मा का पतन तो होता ही है साथ ही शारीरिक और मानसिक रोगों का शिकार होता है। राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि अभावग्रस्त ही उदासीनता का शिकार नहीं होता बल्कि उपेक्षा का व्यवहार भी एक कारण होता है। जैन संत ने बताया कि आत्मीय आनंद के क्षणों से ओतप्रोत होना पर परमात्मा में रमण करने के समान है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली शाखा मल्हारगढ़ का गठन अशोक दुग्गल एवं पुष्पा जैन के नेतृत्व में किया गया जिसमें महिला और युवा शाखा का भी गठन हुआ 25 जून से 29 जून तक पिपलिया मंडी विराज ने की संभावना है

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