स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप परियोजना से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

रतलाम में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप परियोजना पर हुई जनसुनवाई, स्थानीय नागरिकों के सुझाव व आपत्तियां दर्ज

रतलाम । भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPIDC) द्वारा प्रस्तावित “स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप, रतलाम” परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया के तहत ग्राम बिबड़ोद, तहसील एवं जिला रतलाम में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई की संपूर्ण कार्यवाही मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन द्वारा संपादित की गई।
इस अवसर पर एसडीएम श्री तरुण जैन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन, परियोजना प्रबंधन दल एवं पर्यावरण सलाहकार एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, जनसुनवाई की प्रक्रिया एवं उसके उद्देश्य की जानकारी दी गई। इसके पश्चात परियोजना की पर्यावरणीय सलाहकार एजेंसी द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रस्तुतीकरण में परियोजना के उद्देश्य, प्रस्तावित अधोसंरचना, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण उपाय, जल प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामाजिक एवं आर्थिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि प्रस्तावित परियोजना लगभग 1466.679 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगभग 75.44 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित पट्टी एवं पौधारोपण किया जाएगा, जिसके अंतर्गत लगभग 1 लाख 88 हजार पौधे लगाए जाएंगे। उपचारित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग, वर्षा जल संरक्षण, धूल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण, शोर नियंत्रण तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रभावी उपाय भी परियोजना में शामिल किए गए हैं।
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों द्वारा अपने सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत किए गए। उपस्थित अधिकारियों द्वारा सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी एवं स्पष्टीकरण प्रदान किया गया। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को नियमानुसार अभिलेखित कर आगामी पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया हेतु शामिल किया जाएगा।
परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में सड़क, जल प्रदाय, विद्युत, हरित विकास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से समग्र औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *