गुरुदेव ने त्याग और समर्पण को देखते हुए की घोषणा, पूरे पांडाल में गूंजी तालियां

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । जैन समाज के प्रमुख विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र गुणायतन में आज एक ऐतिहासिक घोषणा हुई। परम पूज्य गुरुदेव ने गुणायतन के सुचारू संचालन हेतु इंदौर उदासीन आश्रम के बाल ब्रह्मचारी अशोक भैया जी को अधिष्ठाता एवं बाल ब्रह्मचारी अभय भैया जी को उप-अधिष्ठाता पद पर सुशोभित करने की घोषणा परम पूज्य गुणायतन प्रणेता प्रमाण सागर जी के सानिध्य में गुणायतन ट्रस्टियों की उपस्थिति में करतल ध्वनि के साथ की गई। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव प्रमाण सागर जी महाराज ने अपने
उद्बोधन ने कहा कि प्रतिष्ठा के बाद भी गुणायतन को संभालने के लिए त्यागी प्रतिनिधि की आवश्यकता है। “त्यागियों के माध्यम से ही धर्म संस्थाएं टिकती हैं। अशोक भैया और अभय भैया का समर्पण, निष्ठा और सेवा भाव सर्वविदित है। हमने चाहा कि ये दोनों अपने प्रतिनिधि के रूप में यहाँ रहें, ताकि समाज को इनका संबल हमेशा मिलता रहे।” गुरुदेव के इन शब्दों पर पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। भारत वर्षीय जैन समाज में हर्ष घोषणा के तुरंत बाद समाज के वरिष्ठजन, महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने खड़े होकर दोनों भैयाजी का अभिनंदन किया। इस उपलब्धि पर इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल समाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा हंसमुख गांधी, टीके वेद आजाद जी जैन अशोक खासगीवाला,मंयक जैन एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, श्रीमती रेखा जैन, साधना दगडे आदि ने बधाई दी।गुणायतन ट्रस्टियों ने कहा कि
“ये दोनों कभी अपनी तरफ से कोई मांग नहीं रखते, पूर्ण रूप से गुणायतन के लिए समर्पित हैं। अब साधना वस्तिका का शुभारंभ भी शीघ्र होने जा रहा है।” इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे। मंच पर अशोक भैया जी, अभय भैया जी के साथ समाज के गणमान्यजन भी विराजमान थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गुणायतन अब और अधिक गति से धर्म, संस्कार और स्वाध्याय के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।