हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थदंड

रतलाम । न्यायालय श्रीमान तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश (श्रीमान लक्ष्मण कुमार वर्मा) रतलाम (म.प्र.) के द्वारा रतलाम शहर का चर्चित प्रकरण में निर्णय दिनांक 23.06.2022 को अभियुक्त बादल पिता ईश्वरलाल जाट को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदंड, तथा धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी जिला अभियोजन कार्यालय रतलाम श्री कृष्णकांत चौहान द्वारा बताया गया कि घटना दिनांक 10/10/2018 को आरोपी बादल पिता ईश्वरलाल जाट उम्र 20 साल नि ग्राम छत्री चोकी बिरमावल थाना बिलपांक व विधि विरूद्ध बालक ने साथ मिलकर मृतक निलेश उर्फ अजय पिता बाबुलाल जाट निवासी ग्राम पंचेड थाना नामली हा.मु. गणेश नगर रतलाम के द्वारा आरोपी बादल जाट की पत्नी के साथ छेड़छाड़ कर व अनावश्यक फोन कॉल करने की बात पर से रंजिश रखने के कारण उसे धोखे से अपने रिश्तेदार जो कि मृतक का भी रिश्तेदार है, जितेंन्द्र जाट के मकान बी-92 अल्कापुरी रतलाम में बात करने के बहाने से बुलाकर उसके साथ बेसबाल बेट से मारपीट कर, रस्सी से हाथ पैर बांधकर, चाकू से गोदकर हत्या कर दी फिर साक्ष्य मिटाने की दृष्टि से उसके शव को प्लास्टिक की दो सफेद कट्टो मे भरकर एक जूट के बोरे में बांधकर एक लोहे के संदुक में रखकर अपने भाई की मोटर सायकल क्र. MP43, DS 1929 पर रखकर लगभग 125 किमी दूर धार जिले के मांडव मे खाई में फेक दिया एवं घटना में प्रयुक्त चाकु, बेसबाल का डंडा, आरोपी के कपड़े व घटना स्थल को साफ करने में उपयोग किया हुआ एक टावेल आदि एक सफेद प्लास्टिक की बोरी में भरकर अंधा-अंधी के महल के पास स्थित झरने की खाई में फेंक दिया। तथ्यों के आधार पर आरोपीगण बादल जाट व वि.वि.बालक के विरुद्ध अपराध धारा 302,201,34 भादवि की देहाती नालसी लेख की गई जो थाने पर अपराध क्रमांक 583/18 धारा 302,201,34 भादवि का पंजीबद्ध किया गया। अनुसंधान के दौरान घटना स्थल का नक्शा मौका बनाया गया। आरोपीगण की निशादेही पर मांडव की खाई से मृतक की लाश, हथियार एवं अन्य संपत्तिया जप्त, की गई।
अनुसंधान के दौरान रतलाम शहर के विभिन्न‍ संबंधित रास्ते के एवं रतलाम से धार हाईवे में पडने वाले तीन टोल प्लाजा क्रमश: जिसमें बिलपांक, छोकला, चिकलिया एवं एक पेट्रोल पम्प कानवन जिला धार तथा घोडा चौराहा धार के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान हुई थी। जो कि मोटर साइकिल से लोहे की पेटी के अंदर मृतक अजय उर्फ नीलेश का शव बीच में रख कर ले जाते हुये फूटेज होने से विधिवत रूप से सी.डी. न्यायालय में चलाई गई जिस सी.सी.टी.वी फूटेज में मोटर साइकिल को आरोपी बादल चलाते दिखाई दिया है। जिससे यह साबित हुआ कि आरोपीगण बादल व वि.वि.बालक द्वारा मृतक नीलेश उर्फ अजय की लाश को लोहे की पेटी में रख कर रतलाम से माण्डव ले जाकर खाई फैक दिया। इसके साथ ही आरोपी एवं उसके साथी के घटना दिनांक को उनके द्वारा उपयोग किए गए मोबाईल के सीडीआर एवं टॉवर लोकेशन से भी उनकी पहचान सुनिश्चित हुई थी।
सम्पूर्ण अनुसंधान, एफ. आई. आर. गुम इंसान रिपोर्ट, मर्ग इण्टीमेशन, अपराध देहाती नालिसी, मर्ग देहाती नालिसी, नक्शा मौका, मेमोरेण्डम, जप्ती, गिरफ्तारी, धारा 65 के प्रमाण पत्र, सी.सी.टी.वी वीडियो फूटेज एवं सी.डी., फोटो, एफ. एस. एल. ड्राफ्ट, कथन साक्षीगण तथा धारा 164 जा. फो के कथन से आरोपी 01 बादल पिता ईश्वरलाल जाट उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम छत्री चौकी बिरमावल थाना बिलपांक जिला रतलाम एवं वि.वि.बालक के विरूद्ध अपराध धारा 302,201,34 भादवि का अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया हैं। वि.वि.बालक का विचारण किशोर न्यायालय मे किया जा रहा है।
उक्त मामलें में अभियोजन द्वारा 17 गवाहों के कथन न्यायालय में करवाये गये। आरोपीगण के घटना के समय प्रयुक्त मोबाईल नंबरो की कॉल डिटेल, टॉवर लोकेशन एवं सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को अभियोजन द्वारा न्यायालय में प्रमाणित किया गया जिसके माध्यम से आरोपी बादल एवं वि‍.वि.बालक की घटना के समय घटना स्थपल पर उपस्थिति प्रमाणित हुई। मृतक के आर्टिकल तथा आरोपी से जप्तशुदा चाकू में लगे खून में डीएनए प्रमाणित किया गया।
बचाव पक्ष द्वारा अनुसंधान के दौरान पुलिस द्वारा की गई त्रुटियों को कॉफी प्रभावी ढंग से रखने का प्रयास किया गया जिसका अभियोजन द्वारा समुचित उत्तर दिया गया। फलत: अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होकर न्यायालय द्वारा यह दोषसिद्धि की गई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से संचालन जिला अभियोजन अधिकारी रतलाम द्वारा किया गया।