


नागोठणे (महाराष्ट्र)। प.पू.परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा तीर्थविकास प्रेरक गच्छाधिपति राष्ट्रसंत आचार्य देवेश श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.साहेब की 13 वीं मासिक पुण्यतिथि नागोठाणे श्रीसंघ में गौरवमय आयोजन के साथ मनाई गई। प.पूज्य प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहेब ठाणा-2 का सामेला के साथ नगर में सर्वप्रथम बार मंगल प्रवेश हुआ। उसके पश्चात गुरु भगवंतों ने मंदिर में दर्शन वंदन किए । पश्चात उपाश्रय भवन में धर्मसभा का आयोजन किया गया। श्री संघ ने मुनिराज श्री को गुरु वंदन किया । परोपकार सम्राट आचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के चित्र की स्थापना की गई। पश्चात धुप दीप माल्यार्पण किया गया। लाभार्थी परिवार को लाभ मिला। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी ने परोपकार सम्राट के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा गुरुदेवश्री ने तीर्थ विकास, संघ विकास, संस्था विकास और समाज के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है , उन्होंने संपूर्ण जीवन मोहनखेड़ा तीर्थ को समर्पित किया । देशभर में स्टार संत व राष्ट्रसंत के रूप में उनकी पहचान थी। कोंकण के क्षेत्र में भी गुरुदेव को लोग अच्छे से जानते मानते थे। नागोठणे संघ के किशोर परमार ने गुरु चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। आरती का आयोजन भी किया गया। रात्रि प्रवचन माला में समाज की वर्तमान परिस्थिति से जुड़े मुद्दे पर स्पेशल धाराप्रवाह प्रवचन ओजस्वी वक्ता मुनिराज श्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा.ने दिया । महाड़ श्री संघ ने मुनिश्री के आगामी चातुर्मास मंगल प्रवेश की निमंत्रण पत्रिका नागोठाणे श्रीसंघ को दी गई। रोहा श्रीसंघ ने अपने नगर में मुनि श्री को पधारने की विनंती की। मुनिश्री का आगामी चातुर्मास महाड़ नगर में तय हुआ है ।9 जुलाई का मंगल प्रवेश होगा ,जिसमें हजारों गुरुभक्त के पधारने की सूचना है। महाड़ श्री संघ जोरशोर से तैयारीयां कर रहा है।