
मंदसौर 1 जुलाई 2022 । विचारों में उत्पन्न होने वाली कट्टरता हमारी खतरनाक शत्रु है दूसरे का नुकसान हो या ना हो परंतु आत्मा में रहे प्रेम करुणा वात्सल्य नष्ट कर शैतान बना देती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि कट्टरता क्रूरता और हिंसा की जननी है।
उन्होंने कहा कि कट्टरता अलगाव फिरका परस्ती और परस्पर नफरत के कीटाणु पैदा करती है जो परमाणु बम से खतरनाक है।
मुनि कमलेश ने बताया कि विश्व का कोई भी धर्म किसी भी प्रकार की कट्टरता अपनाने की इजाजत नहीं देता कट्टरता अधर्म पाप और पतन का कारण है राष्ट्रसंत स्पष्ट कहा कि जाति पंथ प्रांत और भाषा के नाम पर कट्टरता अपनाने वाले देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का काम कर रहे हैं
जैन संत ने बताया कि विश्व बंधुत्व की भावना साकार किए बिना धार्मिकता में प्रवेश नहीं कट्टरपंथी धर्म द्रोही और देशद्रोही भी है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली शाखा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष विजय खटोड़ ने बताया कि 2 जुलाई को जैन महाविद्यालय में प्रातः 9:00 मूर्तिपूजक आचार्य प्रवर यशोभद्र सु रिश्वर जी आचार्य प्रवर पीयूष भद्र सु रिश्वर जीएवं राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश के सानिध्य में जैन एकता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है घनश्याम मुनि गौतम मुनि ने विचार व्यक्त एवं कौशल मुनि अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया इससे पूर्व गांधी जैन कार्यालय में दोनों आचार्य प्रवर उप प्रवर्तक अरुण मुनि जी सेवाभावी सुरेश मुनि जी राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश का मधुर मिलन हुआ।