भव्य झूलस के साथ सुकनमुनि का हुआ चातुर्मास मंगल प्रवेश पर खवासपुरा में

जिनवाणी के द्वारा ही मानव अपने जीवन को बदल सकता है – प्रवर्तक सुकनमुनि म.सा.

खवासपुरा (सुनिल चपलोत)। जिनवाणी को सुनकर ही जीवन बदल सकता है रविवार को प्रात: खवासपुरा मे संत शिरोमणी प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने चातुर्मास मंगल प्रवेश पर आयोजित समारोहों मे जैन समाज और गांववासियों से कहां कि चातुर्मास मे तप त्याग साधना के साथ प्रवचनो को सुनकर मानव भितर मे उतारेगा तो मनुष्य भव को सफल बन पाएगा तभी चातुर्मास संतो का समाज और गांववासियों के लिए सार्थक सिध्द होगा,जैन धर्म किसी व्यक्ति विशेष का धर्म नही जो अहिंसा अस्तेय सत्य के मार्ग को अपना ले वही जैन धर्म है । युवा प्रणेता महेश मुनि,पंडित राकेश मुनि, मुकेश मुनि,हरीश मुनि,नानेश मुनि, हितेश मुनि,सचिन मुनि आदि सभी जैन संतो ने कहां कि धर्म कौई सा भी हो परन्तु धर्म की राह पर अडिग रहने वाला प्राणी ही जगत मे महान बन सकता है। समारोहों से पूर्व मरूधर केसरी अमर जैन गौशाला से भव्य शोभायात्रा मे भगवान महावीर जय घोष के जयकारों के प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज और संतो का जे अमरचन्द्र कोठारी श्री संघ के अध्यक्ष श्री संघ के अध्यक्ष प्रसन्नचन्द्र कोठारी दिप चन्द्र कोठारी,अमरचन्द्र सुराणा, जे विजयराज कोठारी,एम अशोक कोठारी,के विजयराज कोठारी, अजितराज कोठारी,शांति लाल कोठारी,सी महावीचन्द्र कोठारी, ललित कोठारी,बी राकेश कोठारी, धनराज कोठारी,सुभाष सुराणा, नथमल कोठारी,आदि जैन ससमाज और गांव वासीयों ने गुरूभगंवतो की अगवानी करते हुए चातुर्मास मंगल प्रवेश करवाया इस दौरान संतो और श्रध्दांलूओ की उपस्थिति मे नव निर्मित श्री मती नौरतकंवर सेठ मांगीलाल को जैन भवन का अजित राज,अशोक कुमार,सुरेशचन्द्र धनराज,राकेश कोठारी द्वारा उद्घाटन किया गया । प्रवक्ता सुनिल चपलोत ने बताया कि प्रतिदिन जैन संतो के 13 जुलाई बुधवार से 9:00 बजे 10: 30 बजे श्री मरूधर केसरी रूप सुकन दरबार मे प्रवचन, प्रात: 6 :00 बजे प्रार्थना और दोपहर धर्मचर्चा होगी ।

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