धर्म के मार्ग से ही जीवन के अवगुण दुर हो सकते है- प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज

खवासपुरा 17 जुलाई । अपने अवगुणो को वहीं व्यक्ति दुर कर सकता जिसके मन मे धर्म के प्रति श्रध्दां व दुसरो के लिए करूणा दया परोपकार त्याग की भावना हो वह प्राणी ही अपनी यश किर्ती मे वृद्धि के साथ संसार मे महान बन पाएगा। धर्म के मार्ग पर चलने पर ही जीवन के अवगुण दुर होगें प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने रविवार को आयोजित विषेश धर्मसभा मे श्रध्दांलूओ से कहें । महेश मुनि, नानेशमुनि, हितेश मुनि आदि सभी संतो ने महापुरुषों के जीवन चारित्र का वाचन करते हुयें कहां कि जगत मे जितने भी महापुरुषों हुये है उन्होनें ने मनुष्यभव मे कठिनाईयो को भोगकर जीवन कौ महान बनाया ! श्री संघ के पदाधिकारी जी राकेश कोठारी,नथमल कोठारी ने जानकारी देते हुये बताया कि धर्म सभा में चैन्नाई निवासी रिखब चन्द बोहरा और पीपाड़ की चन्दनबाला महिला मंडल की बहनों ने गुरूभगंवतो के चातुर्मास करवाने पर खवासपुरा संघ की बधाई देते हुये धर्म सभा मे विचार व्यक्त किये । नियमित धर्मसभा प्रातः 9:30 से खवासपुरा के श्री मरूधर केसरी रूप सुकन दरबार प्रारंभ होगी।

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