

मंदसौर (अभय सुराणा की रिपोर्ट) । अहिंसा के आत्मसात किए बिना की गई आराधना साधना मुर्दे को सिंगार कराने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने दिवाकर प्रवचन हाल में तपस्वी श्री घनश्याम मुनि जी के 33 दिवसीय तप अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि अहिंसा ही धर्म का प्रवेश द्वार है अहिंसा की नींव पर ही धर्म और मोक्ष की मंजिल खड़ी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि किसी को बचा नहीं सकते तो मारने का हमें कोई अधिकार नहीं मारने वाले से बचाने वाला महान होता है धरती पर चलता फिरता तीर्थ और भगवान के समान है।
मुनि कमलेश ने कहा कि विश्व के सभी महापुरुषों ने अहिंसा को धर्म का प्राण और सर्वश्रेष्ठ धर्म को पवित्र बताया और कहा कि अहिंसा की महाशक्ति विश्व को विनाश से बचा सकती है।
मंदसौर जिला कलेक्टर श्री गौतमसिंह ने कहा कि संत शक्ति और ऊर्जा के भंडार होते हैं उनके सानिध्य में नई दिशा मिलती है उनका मार्गदर्शन ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण होता है।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने कहा कि संतो के अनेक रूप होते हैं सामान्य जनता के समझ से बाहर है ज्ञान के भंडार और चलते फिरते तीर्थ हैं हिंदुस्तान को विश्व गुरु बनने का सौभाग्य इन्हीं चरणों से मिला है।
सकल जैन समाज की ओर से अभिनंदन भेंट करते हुए तपस्वी घनश्याम मुनि का सम्मान किया तपस्वी अक्षत मुनि जी ने 8 सेवक भेरु भाई 26 नीति शक्लेशा 28 प्रियंका बोहरा 38 भाविक संचेती सपना कुमार 10 उपवास का संकल्प लिया। अखिल भारतीय जैन दिवाकरविचार मंच नई दिल्ली शाखा मंदसौर की ओर से जैन दिवाकर कमल गौशाला सिंध फन मंदसौर के लिए करीब 15 लाख की राशि दानदाताओं ने प्रदान की।
अनिल चौरसिया सुनील महाराज अनामिका जैन डॉक्टर बोरीवाल शशि मारू अंबालाल चंडालिया संगीता चिपड़ ने विचार व्यक्त किए सुरेंद्र सुराणा विक्रम मेहता राजेंद्र पोरवाल मदनलाल नागौरी भंवरलाल देशलेरा रमेश भंडारी शांतिलाल मारु अंबालाल चंडालिया तपस्वी का अभिनंदन किया।अनामीका जैन को दिवाकर मंच महिला शाखा मध्य प्रदेश का मंत्री नियुक्त किया गया।सभी अतिथियों का सम्मानअनिल संचेती आशीष चोरडीया नीलम वीरवाल अजीत खटोड़ दिव्या खटोड़ आदि कार्यकर्ताओं ने किया गौतम प्रसादी कला चांदमल सुरेंद्र कुमार ऊकावतने लिया देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी कौशल मुनि गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए समारोह का संचालन विजय खटोड़ ने किया।