अच्छी संगती हो, कल्याण मित्र बनाये, याद रखें कोयले की दोस्ती, गरम होगा तो हाथ जल जायेगा, ठंडा होगा तो हाथ काले हो जाएंगे- मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.


महाड । परोपकार सम्राट आचार्य प्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी के शिष्य प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहेब ठाणा 2 का ज्ञानमय तपोमय भक्तिमय 2022 का एतिहासिक यशस्वी चातुर्मास चल रहा है।
संडे स्पेशल शिविर को संबोधित करते हुए पू.मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी ने कहा युवा-वायु की तरह गति वाले बने,बहुत आगे बड़े, एक तय की हुई ऊंचाई भी हासिल करें किन्तु उस ऊंचाई के साथ अच्छाई हमेशा बनी रहे। अच्छाई और सच्चाई से प्राप्त ऊंचाई ही व्यक्ति को महान ओर गुणवान बनातीं है। युवा तीन बातों का ध्यान रखें, पहली अच्छी संगती हो, कल्याण मित्र बनाये। याद रखें कोयले की दोस्ती, गरम होगा तो हाथ जल जायेगा। ठंडा होगा तो हाथ काले हो जाएंगे, और वैसे भी पुरानी कहावत है जैसा होगा संग वैसा होगा रंग। ओर भी कहा गया है,गधा लात मारकर, कुत्ता काटकर बिच्छू डंक मारकर भाग जाता है,वैसे ही एक खराब मित्र जीवन बर्बाद कर भाग जाता है। अच्छी संगती से ही अच्छी सन्मती प्राप्त होती है। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.को सुनने विशाल संख्या में श्रद्धालु गण पधारे थे। पुरा प्रवचन हाल खचाखच भरा हुआ था। सभी ड्रेस कोड में आये थे। मुनिश्री ने आगे कहा वृक्ष वही सलामत है जो मूल से बंधा हो,पतंग वही सलामत है जो डोर से बंधी हो,नदी वही सलामत है जो किनारे से बंधी हो, गहने वहीं सलामत है जो तिजोरी से बंधे हो, हाथी वही सलामत है जो जंजीर से बंधा हो, वैसे ही युवा-व बच्चे वही सलामत जो माता पिता या गुरु से बंधे हो। पोधों में आकर और बच्चों में संस्कार अपने आप नहीं आते, संरक्षण करने से आते हैं। मुनिश्री का दूसरा पोइंट था स्मृति ज्ञान और गुरुजनों का बहुमान करने से बुद्धि खिलती है-बढ़ती है । तिसरा पोईंट था सन्मति प्रभु और गुरु के पास जब भी जाओ ये प्रार्थना करना मैं हमेशा सेवा करु। मातृ-पितृ भक्ति, देश भक्ति, प्रभु व गुरु भक्ति के प्रति समर्पित बना रहूं। मुनिश्री ने कहा 15 अगस्त को आजादी के 75 वर्ष का सेलिब्रेशन पुरे देश में हो रहा है, तो देश के संत भी राष्ट्रप्रेम दिखाये । घर-घर तिरंगा के अभियान में देश प्रेम भाई चार सौहार्द बढ़ें, यही मंगल कामना। मुनिश्री की अंतिम पंक्तियों ने सभी को भावुक बना दिया । आंखें गिली हो गई। मुनिश्री ने कहा आपके पिता ने जो बलिदान युवा उम्र में दिया उसे याद करो अपने कंधों पर भार ढोकर गांव- गांव फेरी कर तुम्हें सुख दिया, योग्य बनाया। उनका ये उपकार जीवन के अंतिम श्वास तक कभी भुलना नहीं । संडे स्पेशल टॉपिक युवा तु वायु बन, विवेक से रख कदम सभी के दिल को छु गया।
नित्य की भांति पच्चक्खाण दिये। श्रावण की पूर्णिमा को 10 यति धर्म तप के तपस्वी का बहुमान समारोह रात्री में भक्ति भावना के साथ होगा। पूर्णिमा को त्रिद्बि सिद्धि लब्धिवंत महामांगलिक का कार्यक्रम प्रातः 10:30 से प्रारंभ होगा। मुंबई के अनिश राठोर एवं म्यूजिकल ग्रुप भक्ति की धूम मचाएंगे । पाक्षिक बहुमान के लाभार्थी अशोकजी शाह चातुर्मास समिति के अध्यक्ष ने शिविर के स्वल्पाहार लाभार्थी लादूलालजी गांधी का बहुमान किया। आरती रामलालजी भंडारी ने की आज बेल्लारी कर्नाटक सुरत, दापोली आदि श्री संघ सदस्य पधारे सभी का तहेदिल से आतिथ्य किया गया। टीशा महावीरजी कोठारी के तेले की आराधना उपलक्ष में श्रीफल प्रभावना की गई।