तिरंगा झंडा के तीन रंग देते तीन संदेश- आतंकवाद, मांसाहार नशा मुक्त हो भारत देश- मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.

महाड़ । महाड़ नगर में यशस्वी इतिहास सर्जक चातुर्मास चल रहा है।परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब के शिष्य प.पू.प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.ने 14 अगस्त को कांटा चुभेगा ही संडे स्पेशल शिविर धर्मसभा मे आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत विचार रखे मुनिश्री ने एक नारा दिया तिरंगा झंडा के तीन रंग देते तीन संदेश,आतंकवाद मांसाहार नशा मुक्त हो भारत देश मुनिश्री के विचारों को सभा में जोरदार समर्थन मिला। मुनिश्री ने घर परिवार को स्वर्ग कैसे ?बनाये,घर की व्यवस्था सुदृढ़ कैसे ? हो इन बिंदुओं पर फोकस करने के लिए 4 पोइंट रखें। दुर्भावना दृष्टि, दोष दृष्टि, दुखी मन दृष्टि एवं द्वेष दृष्टि ये चार कांटे ऐसे हैं जिनको जीवन से निकालने पर प्रसन्नता पूर्वक आगे बढ़ा जा सकता है। कांटा पांव में रहेगा तो चलने में समस्या आयेगी। अपने ह्दयांगन से चार कांटे तत्काल निकाले जीवन प्रसन्नता के फूलों से महक जाएगा। मुनिश्री के मौलिक नवीन चिंतन से लोग प्रभावित हुए। प्रवचन के पूर्व क्षेत्र के लाडले पावरफुल विधायक भरतसेठ गोगावले ने मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.से आशीर्वाद प्राप्त कर चर्चा की । सूत्रों ने बताया करीब आधा घंटा चली चर्चा में काफी विचार विमर्श हुआ। महाराष्ट्र सरकार में चल रही हलचल पर चर्चा हुई। विधायकजी को मुनिश्री ने एक अति विशिष्ट अनुष्ठान मां भगवती ज्ञानकी अधिष्ठात्री कश्मीरी सरस्वती देवी महापूजन व जाप आराधना आयोजन की प्रेरणा दी व तैयारियां करने की रुपरेखा बनी। इस मौके पर तहसीलदारजी सुरेश काशीद एवं नायाब तहसीलदार प्रदीप कुडक ने भी आशीर्वाद लिया। प्रवचन पश्चात् भायंदर मुंबई से पधारे ललितजी पुनमिया, अशोक जैन, गिरीश मुथा, पोपटलाल जैन सातमग्रुप सदस्यों का श्रीसंघ एवं चातुर्मास समिति ने बहुमान किया। गुरु गोतम स्वामीजी की आरती मुंबई से पधारे अतिथियों ने की। शिविर पश्चात 100 रुपए का कवर सभी को प्रभावना में दिया गया।
10 यतिधर्म तपो का पारणोत्सव सम्पन्न
चातुर्मास निश्रा दाता गुरु भगवंतों के पावन सानिध्य में बीस दिवसीय 10 यतिधर्म तप का तपस्वी बहुमान एवं पारणोत्सव धूमधाम से जालना से आये दर्शित भाई द्वारा संगीत भक्तिमय माहौल में संपन्न किया गया । बहुमान के लाभार्थी शांताबाई मोहनलालजी सुकलेचा परिवार ने 28 तपस्वीयो का आत्मीय उल्लासमय वातावरण में साल श्रीफल माला के साथ बहुमान किया। प्रवीण कुमार निशाबेन दापोली वालो की ओर से कवर अर्पण किया गया। तपस्वीयों का बहुमान शांताबाई दिलीप प्रकाश पंकज मंजूबेन सुकलेचा ने किया। मुनिश्री ने सभी को आशीर्वाद दिया। 14 अगस्त को प्रात: सभी तपस्वीयों का पारणोत्सव सम्पन्न हुआ। दस यतिधर्म तप पारणे का लाभ महावीर कुमार,पवन कुमार शंकरलालजी देशरला को प्राप्त हुआ। एक गुरुभक्त की और से बेग गीफ्ट दिया गया। रात्री में सामुहिक सांजी गीत चौविसी का कार्यक्रम किया गया। बहुमान के लाभार्थी सुकलेचा परिवार एवं भक्ति भावना के लाभार्थी रामलालजी भंडारी परिवार का श्रीसंघ चातुर्मास समिति की और से सुखलेचा परिवार ने मिलकर बहुमान किया।

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