रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 17.08.2022 को अभियुक्त दिलीप पिता बद्दा भूरिया उम्र 20 साल नि. ग्राम नाहरपुरा पुलिस थाना रावटी जिला रतलाम (म.प्र.) को धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 2000रू. अर्थदण्ड, धारा 366 भादवि में 05 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदण्ड तथा धारा 363 भादवि में 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 500रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में प्रभारी पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 05.07.2021 को फरियादिया अभियोक्त्री (उम्र 16 वर्ष 03 माह 28 दिवस) की माता ने थाना रावटी पर उपस्थित होकर बताया कि दिनांक 01.07.2021 को दिन करीबन 11 बजे अभियोक्त्री खेत पर मक्का चौंपने के लिये जाने का बोलकर घर से गई थी तथा फरियादिया रावटी बाजार आ गई थी। फिर शाम को जब वह बाजार से घर गई थी तो शाम तक अभियोक्त्री घर नहीं आई तो फिर फरियादिया तथा उसके परिवार वालों ने उसकी आसपास गांव में तथा अपने रिश्तेदारों में काफी तलाश की लेकिन अभियोक्त्री का कोई पता नहीं चला। फरियादिया अभियोक्त्री की माता को शंका थी कि उसकी नाबालिग लडकी को आरोपी दिलीप पिता बद्दा भूरिया बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है।
फरियादिया की उक्त सूचना पर से थाना रावटी जिला रतलाम द्वारा अभियोक्त्री के गुुम क्र. 66/2021 होने की गुम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 218/2021 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.सं. की धारा 363 के अंतर्गत संदेही अभियुक्त दिलीप के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 27.07.2021 को थाना रावटी पर पीडिता को पंचान के समक्ष दस्तयाब किया गया। थाना रावटी पर अभियोक्त्री ने अपने कथन में बताया कि मैं 03 सालांे से अभियुक्त दिलीप को जानती हूं तथा हम दोनों एक-दूसरे को पसंद करते है व हम एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन मैंने मेरे घर वालों को अभियुक्त दिलीप के बारे में कभी कुछ नहीं बताया था दिनांक 01.07.2021 का दिन में 11 बजे घर पर बिना बताये अभियुक्त दिलीप के साथ बस से गुजरात चली गई थी तथा हम दोनों वही पर मजदूरी का काम कर रहे थेे व झोपडी बनाकर रह रहे थे अभियुक्त दिलीप ने मुझे पत्नी बनाकर रखा व मेरे साथ कई बार गलत काम किया फिर हम दोनों को पुलिस गुजरात ढूंढते हुए आ गई व वहां से थाने पर लेकर आई।
विवेचना के दौरान अभियुक्त दिलीप को दिनांक 31.07.2021 गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरंात अभियोग पत्र धारा 363, 366, 376(2)(एन) भादिव एवं 5एल/6 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत अभियुक्त दिलीप के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 17.08.2022 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त दिलीप को दोषसिद्ध किया गया है।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।