सौधर्म वृहद तपागच्छ त्रिस्तुतिक संघ नीमवाला उपाश्रय पर पंडित वर्य श्री चंद्रकांत भाई संघवी का किया बहुमान

सौधर्म वृहद तपागच्छ त्रिस्तुतिक संघ नीमवाला उपाश्रय पर पंडित वर्य श्री चंद्रकांत भाई संघवी का किया बहुमान
रतलाम । सौधर्म वृहद तपागच्छ त्रिस्तुतिक संघ नीमवाला उपाश्रय पर पुण्य सम्राट आचार्य भगवंत श्री जयंत सेन सुरीश्वर जी महाराज साहब के पट्टधर गचछाधिपति श्री नित्यसेन सुरीश्वर जी महाराज साहब और प.पू .आचार्य श्री जयरत्न सुरीश्वर जी म.सा. की सूशिस्या मालव सिहनी डॉ प्रीति दर्शना श्रीजी आदि ठाणा के दर्शन हेतु आज उपाश्रय पर सरलमना, ज्ञान के सागर, पंडित वर्य श्री चंद्रकांत भाई संघवी जी आज पधारे ।
पाटन ( गुजरात) मैं श्री संघवी जी ने तकरीबन सात सौ से अधिक साधु साध्वी एवं आचार्य महाराज को धार्मिक संस्कृत प्राकृत के अनेक ग्रंथों का अध्ययन स्वाध्याय करवाया। प्रख्यात पंडित श्री संघवी जी पूज्य गुरुदेव पुण्य सम्राट के काफी निकटतम रहे और हमेशा पुण्य सम्राट के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों पर साधु साध्वी भगवन को अध्ययन करवाते रहे। आपने बताया कि यह मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है कि मुझे पुण्य सम्राट का सानिध्य मिला और साधु साध्वी एवं आचार्य भगवान को अध्ययन करवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । पुण्य सम्राट द्वारा रचित वाग्मय ग्रंथ को चैतन्य फाउंडेशन द्वारा श्री चंद्रकांत भाई संघवी जी को प्रदान किया गया
इस अवसर पर उपाश्रय पर बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे एवं श्री संघवी जी का त्रि स्तुतिक संघ, अखिल भारतीय राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद महिला परिषद तरुण परिषद एवं भक्तामर स्त्रोत मंडल द्वारा बहूमान किया गया । उक्?त जानकारी परिषद के मीडिया प्रभारी मनोज जैन द्वारा दी गई ।

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