संघ में तपस्याओं का दौर लगातार जारी : श्रीमती चंचला गाँधी के आज 23 उपवास

रतलाम । एक वर्ष में 24 अष्टमी आती है, उसमें से भादव मास की अष्टमी जन्माष्टमी कहलाती है, आज ही के दिन कृष्ण वासुदेव का जन्म हुआ था। सबसे ज्यादा पुण्यशाली पाश्र्वनाथ भगवान है, चक्रवर्ती में सबसे ज्यादा पुण्यशाली भरत चक्रवर्ती है, नौ वासुदेव में सबसे ज्यादा पुण्यशाली कृष्ण वासुदेव है। नौ बलदेव में सबसे ज्यादा पुण्यशाली श्रीराम है, नौ प्रतिवासुदेव में सबसे ज्यादा पुण्यशाली रावण है।
जैन सिद्धांत के अनुसार जँहा भगवान अरिष्ठनेमी का शासन आता है वँहा कृष्ण वासुदेव जुड़े हुए है।
भगवान महावीर और कृष्ण वासुदेव के जीवन में कई समानताएं है । कृष्ण की भी दो माता, महावीर की भी दो माता, भगवान महावीर ने चंडकौशिक नाग को बोध दिया, कृष्ण ने कालिया नाग मर्दन किया। भगवान महावीर ने चनदनबाला को तारा कृष्ण वासुदेव ने द्रौपती की लाज की रक्षा की। भगवान महावीर ने आगम के माध्यम के लिये गौतम स्वामी को चुना, कृष्ण ने युद्ध भूमि में अर्जुन को चुना और श्रीमद भगवत गीता का उपदेश दिया। ऐसी अनेकों समानता भगवान महावीर एंव श्रीकृष्ण में है।
श्रीकृष्ण कंस पर विजय प्राप्त कर तीन खण्ड के अधिपति बने। उन्होंने धर्म की दलाली की एंव राज्य में घोषणा की की जो कोई संयम ग्रहण करेगा उसकी दिक्षा वे स्वंय करवाएंगे और उसके परिवार का भरण पोषण भी करेंगे। इस तरह धर्म की दलाली करके उन्होंने तीर्थंकर गौत्र का बंध किया। और आने वाले अवसर्पिणी काल की प्रथम चौवीसी में वे 12वें तीर्थंकर अमम बनेंगे।
संघ अध्यक्ष सुरेश कटारिया ने बताया की संघ में तपस्याओं का दौर लगातार जारी है इसी श्रृंखला में श्रीमती चंचला गाँधी के आज 23 उपवास चल रहे है ।
नवदीक्षिता अरुणकीर्ति जी मसा जिन्होंने दिक्षा के प्रथम वर्ष में ही वर्षीतप की आराधना प्रारम्भ कर दी है उनका प्रथम केश लोच हुआ । इस अवसर महासतीजी के लोच की साता पूछने के लिये उनके सांसारिक परिवार से परिवारजन सभा में उपस्थित हुए। नवयुवक मंडल अध्यक्ष रितेश मूणत ने बताया की शुक्रवार के पद्मावती देवी के एकासन का लाभ श्री अमृतलालजी कालूरामजी अनिलकुमारजी गाँधी परिवार ने लिया । आज के जाप श्रेणिकलालजी घांसीरामजी रुनवाल परिवार शांति नगर पर आयोजित किये गए एंव दिनाँक 20 अगस्त के जाप भेरुलालजी शांताबाई खमेसरा परिवार शांतिनगर पर रखे गए है।

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