रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 23.08.2022 को *अभियुक्त प्रवीण पिता अमृतलाल उम्र 22 साल नि. ग्राम खराखेडी को धारा 376(3) भादवि में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 5(j-ii)/6 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू. अर्थदण्ड, धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट मे 07 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि घटना दिनांक 15.10.2018 के 4 माह पश्चात दिनांक 17.02.2019 अभियोक्त्री (15 साल 6 माह 8 दिन) ने एक काल्पनिक नाम गोपाल बताकर उसके द्वारा अपने साथ बलात्कार करना एवं गर्भवती होने की रिपोर्ट पुलिस थाना स्टेशन रोड पर लेखबद्ध कराई थी, किन्तु पुलिस को काल्पनिक आरोपी गोपाल का पता नहीं मिलने से और पीडिता के बार-बार कथन बदलने पर पुलिस द्वारा शंका के आधार पर पीडिता से पुनः पूछताछ की गई जिस पर उसने बताया कि पिछले साल गेंहू चने काटने के समय मेरे बडे पापा का लडका अभियुक्त प्रवीण भाभर ग्राम खाराखेडी ने मुझसे कहा कि मुझे तुझसे बात करना है, तो मैंने उससे बात की तो उसने मुझे कहा कि मैं तुझे पसंद करता हूं। मैंने कहा कि तू मेरा भाई लगता है तो अभियुक्त प्रवीण ने कहा कि कोई बात नहीं फिर उसने मुझे मेरे घर के पीछे खाल में बुलाया तो मैं उसी दिन शाम को जब खाल गई तो उसने मेरे साथ मेरी इच्छा के विरूद्ध बलात्कार किया। मैंने उसे मना किया तो प्रवीण नहीं माना उसके बाद अभियुक्त प्रवीण ने मेरे साथ उसी खाल में अलग-अलग दिन कई बार मेरे साथ खोटा-काम(बलात्कार) किया। फिर मेरी तबियत खराब रहने लगी। मेरे पेट में तेज दर्द होने पर मेरे माता-पिता मुझे अस्पताल लेकर आये थे। जहां डॉक्टर ने मुझे 5-6 माह का गर्भ होना बताया था। जिससे मेरे गर्भपात हुआ। गर्भपात से एक मरी हुई बच्ची पैदा हुई। मैंने डर व बदनामी के कारण थाने पर रिपोर्ट करते समय गलत नाम बता दिया था। किन्तु आज अपने माता-पिता व फुफाजी को पुरी बात बताई और माता-पिता व फुफाजी के साथ थाने पर आई।
उक्त सूचना पर से थाना स्टेशन रोड जिला रतलाम द्वारा जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 116/2019 धारा 376(2)(एन) भादवि एवं 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत अभियुक्त प्रवीण के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्त प्रवीण को दिनांक 14.01.2020 गिरफ्तार किया गया तथा पीडिता के मृत बच्चे से आरोपी प्रवीण का डीएनए मेच कराया गया तथा आवश्यक विवेचना के उपरंात अभियोग पत्र धारा 376(2)(एन) भादवि एवं 5एल/6 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत अभियुक्त प्रवीण के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध धारा 376(3) भादवि व 3/4 एवं 5(j-ii)/6 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप विरचित किये गये है। इस प्रकरण में पीडिता द्वारा अभियोजन कहानी का समर्थन नहीं किया गया है किन्तु विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य एवं आरोपी की डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक होने के आधार पर अभियोजन का मामला प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त प्रवीण को दोषसिद्ध किया गया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।