बच्चों को गलत ना समझे आज के बच्चे इतने एडवांस है कि वह छोटी सी बात में समझ जाते हैं और माता पिता इस बात के आदी हैं कि बच्चा उनको बार-बार पूछते रहे। बच्चे मिनटो में माता-पिता की इच्छा समझ जाते हैं और उसका पालन कर लेते हैं और जताते नहीं, कई माता-पिता इस बात को समझ नहीं पाते और वे बच्चो को गलत समझ बैठते हैं। नई पीढ़ी के बच्चे कमाते भी अच्छा है और वे अपने माता-पिता के लिए अच्छी से अच्छी महंगी चीजे लाना पसंद करते हैं। माता-पिता को चाहिए कि बच्चे जो भी लाये उसमें कोई मीन मेक न निकाले और उसे बड़े प्यार से स्वीकार करें। कुछ नालायक बच्चों की बात छोड़ दो जो माता-पिता का ख्याल नहीं रखते पर वे नगण्य है। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाके तक नवयुवा पीढ़ी परिवार के प्रति चिंतित रहती है और उन्हे समझती है। तेजी से बदलते जमाने की नई पीढ़ी बहुत ज्यादा बुद्धिमानी है। पहले की पिढी को नई पिढी को समझना चाहिए उनका समर्थन करना चाहिए, बनिस्बत उनको अपने अनुरूप ढालने के उन्होंने बच्चों के अनुरूप ढलना चाहिए। घर परिवार को स्वर्ग बनाने में बच्चे तो योगदान देते हैं पर पुरानी पीढ़ी के लोगों ने भी योगदान देना चाहिए और अपने आप में परिवर्तन भी लाना चाहिए। हां बच्चों को जहा अति आवश्यक हो सिर्फ वही मार्गदर्शन जरूर दें।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)