

झुमरी तिलैया । पानी टंकी रोड स्थित जैन मंदिर में चातुर्मास प्रवास कर रहे जैन संत प.पू. विशल्य सागर जी ने अपने नित्य प्रवचन श्रृंखला में भक्तजनों को कहा कि जीवन को घर नहीं उपहार बनाएं, बाहरी पदार्थों पर आसक्ति मानसिक तनाव और अशांति का कारण है इस पर ध्यान नहीं लगाना चाहिए । आज मनुष्य हर सेकेंड पल पल बदल रहा है यही बदलाव संसार के दुखों का कारण है नहीं बदलना मोक्ष का कारण है मनुष्य का पेट तो भर जाता है परंतु पेटी नहीं भर्ती है इसलिए समता रूपी संतोष रखना आवश्यक है, संस्कारों को सुसंस्कृत करने की आवश्यकता है अच्छी वाणी को अंतरंग में छापने की आवश्यकता है चिंतन की धारा को बदलो जीवन की धारा बदल जाएगी।
प्रात: दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट, और गुरुदेव के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य किशोर जैन पांड्या दिल्ली, सुशील अजमेरा मुंबई,विकास पाटोदी, कैलाश अनिल शोभा कासलीवाल परिवार को मिला, भगवान आदिनाथ के विश्व शांति मंत्रों से युक्त शांति धारा मे रखें चांदी और लॉन्ग की माला लेने का परम सौभाग्य अनिल,रौनक आशिका चिराग चहक कासलीवाल परिवार को मिला पूज्य गुरुदेव ने विश्व शांति मंत्रों से युक्त लॉन्ग की माला अपने हाथों से भक्त परिवार को दी,जैन समाज के लोगों ने गाजे बाजे के साथ सम्मान पूर्वक उनको घर तक पहुंचाया , यह सभी जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने दी