आयुर्वेद सभी असाध्य रोगों को ठीक करने की पद्धति है-वैद्य दिनेश जोशी

रतलाम । वर्तमान समय में विश्व की सबसे प्राचीन आयुर्वेदिक शिक्षा पद्धति को केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली विद्या सिद्ध किया जा रहा है, यह एक षडय़ंत्र है,जबकि आयुर्वेद सभी असाध्य रोगों को ठीक करने की पद्धति है और इसका इलाज भी।
यह बात अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के प्रदेश उपाध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक वैद्य दिनेश जोशी ने श्री धनवन्तरि हर्बल अमृतसर द्वारा आयोजित मिलन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आयुर्वेेद में गिलोय, हल्दी, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, त्रिकुट त्रिफला जैसी औषधियां ही है, लोगों में यह भ्रम बढ़ता जा रहा है। आयुर्वेद कठिन से कठिनतम रोगों को ठीक करने की क्षमता रखता है और यह सम्पूर्ण वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है। आवश्यकता है अच्छे महाविद्यालयों की, योग्य शिक्षकों की, ताकि डिग्री बेचने का व्यापार नियंत्रित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद महाविद्यालय के छात्रों को रस-रसायन चिकित्सा से अधिक से अधिक पारंगत किया जाना चाहिए, ताकि आयुर्वेद चिकित्सा के अच्छे परिणाम आ सके।
वैद्य रत्नदीप निगम ने कार्यक्रम का संचालन किया। समारोह में महंत कन्हैयादास, डा. शिवकुमार आहूजा नीमच, जगदीश खण्डेलवाल रतलाम, कुतुब अत्तार, सुशील शर्मा, रामकुमार शाह, मुकेश हाटिया,अनुप शर्मा उपस्थित थेे। औषधि निर्माण वैज्ञानिक प्रस्तुतिकरण लखनऊ के हरिप्रसाद त्रिपाठी द्वारा किया गया। धर्मेन्द्र कटारे, धीरजसिंह, निखिल सोनी द्वारा अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया।

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