गौतमस्वामी गुरु की कृपा प्राप्त करने उमड़ा जनसैलाब

गौतमस्वामी गुरु की कृपा प्राप्त करने उमड़ा जनसैलाब

¢महाड़ । परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के सुशिष्य प्रवचनदक्ष शासन प्रभावक मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.आदि ठाणा की पावन निश्रा में श्री गौतम लब्धि महापूजन महाअनुष्ठान का भव्यतम यादगार आयोजन सानंद संपन्न हुआ। प्रातःशुभ मुहुर्त में वाजते गाजते प्रभुजी का आगमन एवं स्नात्र पूजन किया गया। खुखबूदार विभिन्न रंगों के पुष्पों एवं बहार से लाये पुष्पों से प्रभुजी का सिंहासन एवं मंडल आकृति को अद्भुत व अनुपम रची गई । समीप रही रत्न प्रतिमाओं ने सबको भक्तिभाव से अभिवृद्ध किया वे मनमोहक लग रही थी। मुंबई व महाड के कलाकारों ने प्रभु महापूजा मैं जान डाल दी,जिसे देख हजारों नयन धन्यें बने। प्रातः 9:30 बजे तय समय पर महापूजन जाप साधना से सम्पूर्ण पूजन हाल गुंजायमान हुआ एवं मौन ध्यान साधना प्रवेश हुआ। मुख्य पीठिका स्थल पर थाल में विभिन्न रत्न प्रतिमा स्थापित की गई। मुख्यपीठिका स्थल पर इन्दापुर के परम गुरुभक्त श्रीमान मनोज भाई नाडावत सपरिवार इष्ट मित्रों के साथ प्रभु पूजन गुरूपूजन में मगन थे। एक जैसे ड्रेस कोड में मुकुड माला धारण कर एक जैसे आसनो पर विराजित हो,एसे लग रहे हैं थे जैसे इंद्र इंद्राणिया हो।चारों तरफ सुगंधित वातावरण व दशांग धुप से संपूर्ण वातावरण प्रभुमय बना हुआ था। इन सबके बीच सौधर्म पाट पर विराजित प्रभावशाली निश्रा दाता इस अद्भुत विशिष्ट दुर्लभ अनुष्ठान के मार्गदर्शन मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजय म.सा.ने अपने प्रभावी मंत्रों से व गीतों से सभी को मंत्र मुग्ध किया । छत्तीसगढ़ से आये अंकित की स्वर लहरी सभी के दिलपर अंकित हुई । विधिकारक रत्नेश मेहता ने सुंदर विधि कराई। उत्तम अष्ट द्रव्यों से सभी ने पूजन पीठिका पर गणधर गुरु गौतम स्वामी की परिकर युक्त रत्न प्रतिमा विराजित की एवं पूखराज रत्न माला से जाप किया। सभी पीली वस्तु व उपकरण का उपयोग किया गया। महापूजन के दोरान मुनिश्री ने विशेष मंत्रों से लंब्धि कलश संपूरित किये। जिसमें शंख चांदी का सिक्का, लघु श्रीफल, गौमती चक्र ,गोल्डन श्री यंत्र, लाल सुपारी,जायफल,कोड़ी वासक्षेप सहित एवं अभिमंत्रित कर 21 वस्तुएं रखी गई । सर्वप्रथम लब्धि कलश ग्रहण करने का लाभ श्री अनीता बेन रामलालजी भंडारी को मिला,उन्हीं के हाथों सभी पूजनार्थी को कलश अर्पण किये गये। महापूजन के मुख्य लाभार्थी श्री शर्मीलाबेन मनोजजी नाडावत ने प्रभु आरती व मंगल दीपक किया। गुरु गौतम स्वामीजी की 108 दीपक से आरती का अनुपम लाभ बाबुलालजी कोठारी महाड़ ने लिया। मुनिश्री के कुशल मार्गदर्शन में श्रीसंघ व चातुर्मास समिति एवं पूजन समिति ने सुन्दर व्यवस्था की।
ये थे लाभार्थी जिनका बहुमान किया गया महापूजन के मुख्य लाभार्थी श्री मनोजजी नाडावत इंदापुर, जय जिनेंद्र के लाभार्थी श्री सम्पतजी देसरला महाड़, गांव सांजी व भक्ति भावना श्री रमेशजी वच्छराजजी सांचोर को मिला, रत्नमाला का लाभ ऋषिकेश बाबुलालजी कावेडिया इंदापुर, मेहंदी का लाभ श्री छोगमलजी कटारिया महाड, गोल्डन फ्लेटेड तोरण का लाभ श्री अनीताबेन रवीन्द्रजी ओसवाल तलेगांव (पुना )को मिला, वासक्षेप विधान का लाभ श्री पवनजी देसरला महाड को एवं पूजन वस्त्र का लाभ मुकेशजी दोसी को मिला, स्मृति चिन्ह मोमेंटो से बहुमान श्री प्रकाशजी केवलशा मुथा नागोठाणा को मिला। नाश्ता व स्वामीवात्सल्य लाभ लादुलालजी गांधी महाड़ को मिला। इन सभी का बहुमान श्रीसंघ,चातुर्मास समिति एवं महापूजन समिति ने किया। 36 सपरिवारों द्वारा यह महापूजन किया गया। रात्री में भक्ति भावना की धूम मचाई अंकित लोढ़ा ने जिसमें एक से बढ़कर एक सुंदर भक्ति गीत गाये गये। कुछ प्राचीन कुछ नवीन व कुछ गौतम स्वामीजी के हिसाब से रचनाएं प्रस्तुत थी। मां की महिमा पर सुंदर प्रस्तुति करण किया गया कुर्सी पर माताएं थी व बच्चे उनके चरणों में उनकी गौद में अपनी आंखों से पक्षाल कर रहे थे। सभी की आंखें भर आई, एकदम भावुक व कारुण्य दृष्य का सर्जन हुआ। मां की महिमा को दर्शाने वाले गीतों ने सभी का हृदय भर दिया। भक्ति के अंत में राजमलजी कोठारी परिवार एवं प्रवीण जी कटारिया रतनराज मेडिकल की और से दो सोने के सिक्के लक्की ड्रॉ में खोले गये ।अन्य सभी चांदी के सिक्के लक्की ड्रॉ में भाग्य शालियों को खुलें। इस महापूजन अनुष्ठान में कोंकण के विभिन्न श्रीसंघ पधारे एवं मुनि श्री को अपने नगर पधारने की विनंती की। आगामी गुरु सप्तमी हेतु दहाणु मोहनखेड़ा गुरु नाम तीर्थ ट्रस्ट मंडल ने भी विनंती की।

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