भंडारी गौत्र महासंघ का पारिवारिक स्नेह मिलन समारोह संपन्न

माँ आशापुरा तीर्थ धाम का होगा अति शीघ्र निर्माण

रतलाम । भंडारी परिवार की कुलदेवी माँ आशापुरा मंदिर टेलीफोन नगर पर भंडारी गौत्र महासंघ द्वारा आयोजित पारिवारिक मिलन समारोह एवं महाआरती का आयोजन मुख्य अतिथि नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती निशा पवन सोमानी के आतिथ्य में संपन्न हुआ । स्नेह मिलन समारोह में रतलाम में माँ आशापुरा एवं खेतलाजी के भव्य मंदिर निर्माण के विषय में चर्चा की गई। चंद्रप्रकाश भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया की कुलदेवी माँ आशापुरा एवं खेतलाजी के नवीन मंदिर की संरचना पूर्णता की और है बिबडोद क्षेत्र में अति शीघ्र मंदिर निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी एवं इस मंदिर निर्माण कार्य के संचालन हेतु समग्र भंडारी परिवार की सहमति से ट्रस्ट का गठन किया गया है । जिसमें मुख्य रूप से चंद्रप्रकाश भंडारी, राजेश भंडारी , हेमंत भंडारी, अजय भंडारी, विजय भंडारी बामनीया, प्रमोद भंडारी एवं श्वेता नरेश भंडारी उज्जैन को ट्रस्टी बनाया गया गया है ट्रस्ट में आगे और नए सदस्यों को भी शामिल किया जा सकेगा । श्री भंडारी ने कहा कि भंडारी गौत्र महासंघ का पारिवारिक स्नेह मिलन का आयोजन वर्तमान में अभी सिफऱ् रतलाम के भंडारी परिवार के लोगो का है इसके पश्चात अतिशीघ्र समस्त भारत भर के भंडारी परिवारों का मिलन समारोह आयोजित किया जाना निश्चित है ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में उज्जैन से पधारी श्रीमती श्वेता नरेश भंडारी ने कुलदेवी माँ आशापुरा का अति मनमोहक गीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
समारोह में उपस्थित विवेक लुणावत् बामनिया, पारस भंडारी , संजय भंडारी , कमलेश भंडारी ने अपने सुझाव देते हुए महिला समिति और युवा समिति के गठन का सुझाव दिया, जिसके तहत महिला समिति हेतु श्रीमती उषा भंडारी और युवा समिति हेतु शुभम् भंडारी को अधिकृत किया । सभी बंधुओं द्वारा मंदिर निर्माण हेतु अपने सुझाव भी दिये ।
इस अवसर पर समस्त भंडारी गौत्र बंधुओं द्वारा कुलदेवी माँ आशापुरा की महाआरती निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती निशा पवन सोमानी के आतिथ्य में की गई । दोनों ही जनप्रतिनिधियों तथा मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग करने वाले समाजजनों का भी भंडारी बंधुओं द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया । कार्यक्रम पश्चात स्नेह भोज का आयोजन किया था । कार्यक्रम का संचालन सौरभ भंडारी ने किया तथा आभार श्रीपाल शांतिलाल भंडारी ने माना ।

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