अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)
आजकल एक बहुत बुरा दौर चल रहा है टीवी शोज और स्टैंडिंग कॉमेडी करने वाले कॉमेडी के नाम से परिवार के आपसी रिश्तो का बिल्कुल लिहाज नहीं रख रहे हैं। जैसे कपिल शर्मा शो मे वह अपनी पत्नी साले ससुर सभी का बड़ा फुहड़पन से मजाक बहुत ही भद्ले तरीके से करता दिखेगा। बड़े-बड़े हास्य कवि ने भी अपनी पत्नी पर हास्य किया है लेकिन एक स्तरीय भाषा में सलीके के साथ। कई स्टैंडिंग कॉमेडियन अपने माता-पिता भाई-बहन पर स्तरहीन कॉमेडी करते हैं। ऐसे शो को देखने के बाद कई लोग अपने परिवार में भी अपने माता पिता पति सास-ससुर साले सभी के साथ मजाक के तौर पर फुहड मजाक कर बैठते हैं। और आजकल कई टीवी शो में परिवार के भीतर वास्तविकता से परे कोई न कोई नेगेटिव कैरक्टर्स दिखा रहे हैं। सभी लोगों ने ऐसे नेगेटिव शोज देखना बंद कर देना चाहिए। यह सब अपनी संस्कृति और सभ्यता के खिलाफ है, टीवी शो स्वस्थ मानसिकता के लिए बनना चाहिए और हल्का फुल्का स्वच्छ मनोरंजन कॉमेडी के रूप में होना चाहिए। पर आज के युवक युवती ज्यादातर इसी प्रकार के फुहड गाने सुनना और डांस देखना पसंद कर रहे हैं। उनके बालों की स्टाइल कपड़ों का ढंग सब कुछ बदल गया है। सलिकेदार रहन सहन ना होने से उनके स्वभाव और व्यवहार में भी अशिष्टता बढ़ रही है। स्वस्थ समाज निर्माण की परिभाषा में यह सब नहीं चाहिए।