मंदसौर जीवा गंज 26 अक्टूबर 2022 । एक तरफ गाय माता की पूजा करते हैं दूसरी तरफ उसे गंदगी कचरा खाने छोड़ देते हैं यह दोहरा आचरण अक्षम्य अपराध है । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने गोवर्धन पूजा पर जैन दिवाकर कमल गौशाला सिंदफन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि गौ माता की सेवा करना 33 करोड़ देवता का मंदिर बनाने के समान है । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के मंदसौर इकाई के द्वारा गौशाला संचालित की जा रही है।
मुनि कमलेश ने कहा कि गौ माता संस्कृति का आधार धर्म का प्राण और सृष्टि का श्रृंगार है इसके बिना जीने की कल्पना नहीं कर सकते हैं । उन्होंने बताया कि पश्चिम देशों में कहीं भी गाय सड़क और रोड पर नजर नहीं आती आध्यात्मिकता की दुहाई देने वाले हिंदुस्तान के अंदर सबसे ज्यादा गौ माता की दुर्दशा हो रही है । राष्ट्र संत ने कहा कि मार्बल की गाय के मंदिर पर करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं और जीवित गाय के लिए कत्लखाने में ढकेल देते हैं ऐसे भक्तों के भगवान भक्ति स्वीकार नहीं करेग। जैन संत ने कहा कि लाखों मंदिर हिंदुस्तान में है । यदि 100 और 50 गाय प्रत्येक मंदिर वाले पालन कर लेगे तो एक भी रोड पर गाय नजर नही आएगी। नीलम जैन, अजीत खटोड़ सत्यनारायण वृंदावन ढाबा के प्रमुख एवं महिला मंडल ने गौ माता की सेवा पूजा आरती की भोग लगाया।