- पूज्य समकितमुनिजी म.सा. के विदाई समारोह में उमड़ पड़ा भावनाओं का सागर
- लोकाशाह जयंति के अवसर पर शांतिभवन में हुआ आयोजन


भीलवाड़ा, 8 नवम्बर (निलेश कांठेड़-मीडिया प्रभारी) । शहर के शांतिभवन में चातुर्मास कर रहे आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनिजी म.सा. के चार माह के सफलतम चातुर्मास की विदाई की बेला भी मंगलवार को लोकाशाह जयंति के अवसर पर आ ही गई। मुनिवृन्द के बुधवार सुबह विहार करने से एक दिन पूर्व आयोजित विदाई समारोह में श्रावक-श्राविकाओं ने गीतों व विचारों के माध्यम से मन के जज्बात सामने रखे। भावपूर्ण माहौल में श्रावक-श्राविकाओं ने गुरूदेव से चातुर्मास समाप्ति के बाद भी आशीर्वाद हमेशा बनाए रखने और जल्द फिर भीलवाड़ा की धरा को पावन करने के लिए आगमन की विनती की। वक्ताओं ने कहा कि गुरूदेव की वाणी के जादू ने जप-तप व साधना की त्रिवेणी धारा ने भीलवाड़ा के इस चातुर्मास को एतिहासिक एवं अविस्मरणीय बना दिया और कोई भी इसे भूला नहीं पाएगा। सूना ये आंगन, सूना ये मन, गुरूवर ना जाओ यहीं कहती है धड़कन जैसे विदाई की भावना से ओतप्रोत गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने कई श्रावक-श्राविकाओं के नयनों की पलको को भिगो दिया। वक्ताओं ने चातुर्मास में जाने-अनजाने हुई किसी भी तरह की असाधना के लिए गुरूवर से क्षमायाचना भी की। शांतिभवन श्रीसंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चीपड़ ने समकितमुनिजी म.सा. का चातुर्मास भीलवाड़ा संघ को किस तरह प्राप्त हुआ और चातुर्मास में धर्मसाधना के विभिन्न आयोजनों के बारे में बताते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ये एतिहासिक चातुर्मास सआनंद पूर्ण हुआ है। समकितमुनिजी म.सा. ने भी श्रावक-श्राविकाओं के भावों को समझते हुए सभी के प्रति मंगलभावना व्यक्त करते हुए कहा कि आपने मेरे दिल में स्थान बनाया है और कोई भी गलती हुई हो तो क्षमायाचना करते है। कोई भी साधु-साध्वी आए उनकी सेवा का लाभ लो ओर सभी को साता पहुंचाने का कार्य करें। मुनिश्री ने कहा कि मेवाड़ प्रवर्तक अंबालालजी म.सा., राजस्थान सिंहनी यशकंवरजी म.सा., प्रवर्तक पन्नालालजी म.सा., जैन दिवाकर चौथमलजी म.सा., मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. जैसे महापुरूषों ने खींचा तो भीलवाड़ा चले आए। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ावासी नए थे पर श्रद्धा का रिश्ता पुराना था। यहां आकर ऐसा लगा जैसे हम अपने घर में आ गए हो। हमने यहां पूरे चार माह श्रद्धा व भक्ति की दिवाली मनाई। मुनिश्री ने चातुर्मास को सफल बनाने में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों व श्रावक-श्राविकाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे से कोई भी भूल हुई हो तो उसे अवश्य बताए ताकि उसका परिमार्जन कर सके और भूल का दोहराव नहीं हो। धर्मसभा में गायन कुशल जयवंतमुनिजी म.सा. ने प्रेरणादायी गीत ‘क्या पता फिर ये मौका मिले ना मिले’ प्रस्तुत किया। धर्मसभा में प्रेरणादायी भवान्तमुनिजी म.सा. का भी सानिध्य मिला। विदाई समारोह में चातुर्मास समिति के संयोजक नवरतनमल बम्ब, वित्त समिति के संयोजक मनोहरलाल सूरिया, श्री शांति जैन महिला मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता चौधरी, महिला मंडल की मंत्री सरिता पोखरना, महावीर युवक मंडल के अध्यक्ष प्रमोद सिंघवी, जैन कॉन्फ्रेंस की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की प्रान्तीय अध्यक्ष नीता बाबेल, इन्द्रा बापना, बसंता डांगी, प्रमिला सूरिया, रेणु चौधरी, प्रतिभा बड़ोला, पद्मा दरड़ा, वंदना मेहता, रोशनलाल दुग्गड़, संगीता मेहता, महावीर बापना, प्रवीण कोठारी, जयप्रकाश आंचलिया, शकुन्तला खमेसरा, सुनीता सुकलेचा, स्नेहलता सिंघवी आदि ने भी गीतों व विचारों के माध्यम से चातुर्मास की ऐतिहासिक सफलता को बयां करते हुए पूज्य समकितमुनिजी म.सा. के प्रति मन के भावों को व्यक्त किया। श्री शांति जैन महिला मंडल, श्री चंदनबाला महिला मंडल मेवाड़ एवं जैन संस्कृति तीर्थ बालिका मंडल की सदस्यों ने अलग-अलग समूह गीतों के माध्यम से गुरूदेव के प्रति मन के भावों को व्यक्त किया। धर्मसभा का काव्यमय भावपूर्ण संचालन श्रीसंघ के मंत्री राजेन्द्र सुराना ने किया। आभार श्रीसंघ के संरक्षक सुरेन्द्र सुराना ने जताया।
श्रीसंघ के पदाधिकारियों ने किया चातुर्मास स्मारिका का विमोचन
विदाई समारोह में चातुर्मास में हुए विभिन्न यादगार आयोजनों को लेकर तैयार स्मारिका ‘समकित की यात्रा-भीलवाड़ा चातुर्मास 2022’ का विमोचन भी किया गया। विमोचन के बाद स्मारिका की प्रति पूज्य समकितमुनिजी म.सा., भवान्तमुनिजी म.सा. एवं जयवंतमुनिजी म.सा. को समर्पित की गई। विमोचन करने वालों में श्रीसंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चीपड़, मंत्री राजेन्द्र सुराना, संरक्षक सुरेन्द्र सुराना, चातुर्मास संयोजक नवरतनमल बंब, वित्त संयोजक मनोहरलाल सूरिया, जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, प्रान्तीय अध्यक्ष नीता बाबेल, श्री महावीर युवक मंडल के अध्यक्ष प्रमोद सिंघवी, श्री शांतिजैन महिला मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता चौधरी, मंत्री सरिता पोखरना, संरक्षक इन्द्रा बापना व सुश्राविका प्रमिला सूरिया शामिल थे। स्मारिका संपादक निलेश कांठेड़ ने स्मारिका के बारे में जानकारी दी। विमोचन के बाद धर्मसभा में शामिल सभी परिवारों को इसकी प्रतियां वितरित की गई।
जैन कॉन्फ्रेंस की राजस्थान महिला शाखा ने किया सम्मान
शांतिभवन में पूज्य समकितमुनिजी के चातुर्मास में श्रेष्ठ सेवाएं देने वाले पदाधिकारियों का जैन कॉन्फ्रेंस राजस्थान महिला शाखा द्वारा प्रान्तीय अध्यक्ष नीता बाबेल के नेतृत्व में सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में शांतिभवन श्रीसंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चीपड़, श्रीसंघ के मंत्री राजेन्द्र सुराना, शांति जैन महिला मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता चौधरी, मंत्री सरिता पोखरना, महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रमोद सिंघवी, मंत्री अनुराग नाहर, श्रीसंघ के मीडिया प्रभारी निलेश कांठेड़ शामिल थे। सम्मान करने वालों में जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, लाड़जी मेहता, प्रान्तीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजियारानी डूंगरवाल, इन्द्रा बापना, प्रमिला सूरिया, प्रीति गुगलिया, सिम्मी पोखरना,रीना सिसोदिया, मंजू पोखरना, मंजू खटवड़, सुनीता पीपाड़ा, पायल आंचलिया आदि शामिल थे।
श्रीसंघ की ओर से आगम मर्मज्ञ की पदवी प्रदान
विदाई समारोह में शांतिभवन श्रीसंघ की ओर से मंत्री राजेन्द्र सुराना ने पूज्य समकितमुनिजी म.सा. को आगम मर्मज्ञ की पदवी प्रदान करने की घोषणा की गई तो पूरा पांडाल हर्ष-हर्ष जय-जय की ध्वनि से गूंजायमान हो उठा। सुराना ने कहा कि पूज्य गुरूदेव के आगम के गहरे ज्ञान व उसके प्रति समर्पण भाव को ध्यान में रखते हुए श्रीसंघ की ओर से ये पदवी प्रदान की जा रही है।
चातुर्मास समाप्ति पर शांतिभवन से विहार बुधवार सुबह
चातुर्मास समाप्ति के बाद पूज्य समकितमुनिजी म.सा., भवान्तमुनिजी म.सा., जयवंतमुनिजी म.सा. आदि ठाणा 9 नवम्बर बुधवार सुबह 8.25 बजे शांतिभवन से वर्धमान कॉलोनी स्थित अंबेश भवन के लिए विहार करेंगे। इससे पूर्व सुबह 8.15 बजे से दस मिनट तक नवकार महामंत्र जाप होगा। मुनिश्री इसके बाद पांच दिवसीय धन्यवाद यात्रा पर भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विचरण के लिए विहार करेंगे। धन्यवाद यात्रा के तहत 9 नवंबर का अंबेश भवन में प्रवास रहेगा। इसके बाद 10 नवंबर को ओल्ड आजादनगर, न्यू आजादनगर एवं चन्द्रशेखर आजादनगर, 11 नवंबर को श्याम विहार एवं 12 व 13 नवंबर को यश सिद्ध स्वाध्याय भवन में प्रवास रहेगा। इसी तरह 14 नवंबर को सांगानेर स्थित कोठारी वाटिका में प्रवचन होंगे।