- राष्ट्रसंत कल 10 नवंबर को प्रात: 7:30 करेंगे विहार
- चातुर्मास विदाई समारोह सम्पन्न

मंदसौर जीवा गंज 9 नवंबर 2022 । दिल की दूरियां नहीं है तो सात समुंदर दूर होकर भी नजदीक है और दिल की दूरियां है तो नजदीक होकर भी दूर है आत्मा से आत्मा का मिलन ही सबसे बड़ा धर्म है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में चातुर्मास विदाई समारोह संबोधित करते कहा कि विज्ञान ने साधन बनाकर दूरियां कम कर दी हो लेकिन अंदर की दूरियां मिटाना उसके हाथ में नहीं है ।
उन्होंने कहा कि प्रेम और सद्भाव के माध्यम से ही दिलों के अलगाव की दूरियों को दूर किया जा सकता है प्राणी मात्र को परमात्मा का रूप मानेंगे तभी एकात्मता का विकास होगा।
मुनिकमलेश ने बताया कि जिनके दिलों में अमीर गरीब छोटे बड़े कि दीवारे खड़ी है वह कितनी कठोर साधना कर ले धार्मिकता का उसमें प्रवेश नहीं हो सकता । राष्ट्रसंत ने कहा कि अंदर की दूरियां बढऩे पर तनाव अशांति ब्लड प्रेशर डिंप्रेशन हार्ट अटैक जैसे असाध्य रोगों का शिकार हो जाता है ।
जैन दिवाकर विचार मंच जैन दिवाकर नवयुवक परिषद श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ खानपुरा नई आबादी शांत क्रांतसंघ दिवाकर महिला मंडल चंदनबाला महिला मंडल क्रांति महिला मंडल सहित कई संस्थाओं की ओर से पुष्पा रातडिया जमुना बापना नीता जैन दीपाली मारू शशि मारूअनिता कोठारी मनीष भटेवरा आशीष जैन अशोक झेलावत प्रकाश रातडिया नरेंद्र मेहता नरेंद्र राका शकुंतला जैन अशोक मारू अशोक उकावत सहित कई गुरु भक्तों ने विदाई गीत और शब्दों के द्वारा भावों के पुष्प समर्पित किए 4 महीने के अखंड महामंत्र जाप का समापन हुआ चारों महीनेसमर्पित भाव से सेवा करने वाले अजीत खटोड़ सत्यनारायण नेहा जैन संगीता चोर्डिया रेनू खटोड़ सपना नाहर मीना राका का अभिनंदन किया गया 10 नवंबर को प्रात: 7:30 बिहार करके किटियानी । डुप्लेक्स पानी की टंकी के पास पूर्व डिप्टी कलेक्टर रोड़ी लाल जी बोरीवाल के निवास पर 9:00 बजे प्रवचन का कार्यक्रम होगा समारोह का संचालन महामंत्री विजय खटोडऩे किया ।