
झुमरीतिलैया। 9 भाषाओं के ज्ञाता आजीवन षष्ठ रस त्यागी चलते फिरते पूरे भारत में पद विहार करने वाले जैन जगत के सर्वोच्च शिखर पर विराजमान परम पूज्य शंतशिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज का 51 वा आचार्य पदारोहण दिवस भक्ति भाव के साथ मनाया गया । श्री दिगंबर जैन दोनों मंदिर जी में भगवान का महा अभिषेक के साथ सभी भक्तों के द्वारा संत शिरोमणि गुरुवार आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ओर वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महाराज दोनों आचार्य जी पूजन मुनि श्री 108 मुनि विशल्य सागर जी महाराज के सानिध्य में मनाया गया सभी भक्तों के द्वारा आचार्य के चरणों में श्रीफल चढ़ाया गया इस अवसर पर संघस्थ दीदी ओर स्थानीय पंडित अभिषेक शास्त्री ने अपने उदगार में कहा किसंत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज।
ये ऐसे संत है जिनका जीवन एक सम्पूर्ण दर्शन है जिनके आचरण में जीवों के लिए करुणा पलती है जिनके विचारों में प्राणी मात्र का कल्याण आकर लेता है,जिनकी देशना में जगत अपने सदविकास का मार्ग प्रशस्त करता है |आप निरीह, निस्पृह वीतरागी है फिर भी आपके विचार भारतीयता के प्रति अगाध निष्ठा, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यपरायणता से ओतप्रोत है आपका चिंतन प्राचीन भारतीय हितचिंतको दार्शनिको एवं संतो का अनुकरण करते हुए भी मौलिक है |आचार्य महाराज तो ज्ञानवारिधी है और उनके विचारों को संकलित करना छोटी सी अंजुली में सागर को भरने का असंभव प्रयास करना है साथ ही समाज के मंत्री जैन ललित सेठी,संयोजक जैन सुरेन्द काला,कार्यक्रम संचालन जैन सुनीता सेठी के साथ बहुत लोगों ने भक्ति और अपने उदगार ब्यक्त किये इस कार्यक्रम में समाज के सेकड़ो लोग शामिल हुवे। कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा, नविन जैन ने दी।