

मंदसौर अभिनंदन कॉलोनी 15 नवंबर 2022 । समर्पित भाव से कर्तव्य निभाएं बिना कोरी अधिकार की बातें करना आत्मा और परमात्मा को धोखा देने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि ईमानदारी से कर्तव्य का पालन करना धर्म का अभिन्न अंग है । उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने व्यक्ति को कर्तव्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया है धर्म और कर्तव्य एक दूसरे के पर्यायवाची शब्द है।
कमलेश ने बताया अधिकारों का राग अलापने वाले कर्तव्यों को अनदेखा करने वाले के अधिकार शब्द के आगे अ हटा देने पर क्या बचेगा खुद सोचें । राष्ट्रसंत ने कहा कि छीनकर के लिया गया अधिकार खून के बराबर है और दिल जीत कर मिला हुआ अधिकार अमृत के समान है अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया। कौशल मुनिघनश्याम मुनि गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए।
जैन संत ने कहा कि निष्काम और निस्वार्थ भाव से किया गया कर्तव्य परमात्मा के चरणों में सबसे बड़ी पूजा और भक्ति है नाकोडा श्री संघ के अध्यक्ष सीके जैन युवा आशीष डूंगरवाल राजेश खरीवाल आशीष बंडी तुलसीराम भावसार एसएन भूरिया महेश गुप्ता योगेश बोहरा विजय मोगरा ने गुरु भगवन का अभिनंदन किया सुनील बलावत ने संचालन किया ।