एक लाख से अधिक किसान ग्राम सभा के प्रस्ताव लेकर भोपाल पहुंचेंगे-श्री चौधरी
रतलाम। भारतीय किसान संघ किसानों की समस्याओं एवं किसान समाज में जागरण के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। इसी निमित 22 नवंबर को भोपाल में ग्राम सभा के माध्यम से विधानसभा तक अपनी बात पहुंचाने के लिए शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। किसान ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर अपने वाहनों से भोपाल पहुंचेंगे, ताकि किसानों की ज्वलन समस्याओं पर शासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
भारतीय किसान संघ केे क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 22 नवंबर को प्रात: 11 बजे मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय लाल परेड मैदान के सामने भोपाल में सभी किसान एकत्रित होंगे। मुख्य मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने बताया कि हमने शासन से मांग की है कि प्रदेश सरकार खेती किसानों से संबंधित विषयों पर चर्चा हेतु विधानसभा का सात दिवसीय विशेष सत्र तत्काल बुलाएं। वर्तमान में अतिवृष्टि वायरस, अफलन से हुए नुकसान की भरपाई कर किसानों के भावांतर, मुआवजा, बीमा की राशि का अतिशीघ्र भुगतान करें, साथ ही सरकार द्वारा की गई घोषणा अनुसार डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ कर उन्हें सोसायटियों से खाद भी प्रदान किया जाए।
मांग में यह भी है कि मुख्यमंत्री कृषि पम्प अनुदान योजना अतिशीघ्र चालू की जाए। सभी अवरलोड ट्रांसफार्मरों को अंडरलोड कर जले हुए ट्रांसफार्मर 24 घंटे में उपलब्ध करवाया जाए। ट्रांसफार्मर को लेकर एक एम्बुलेंस सेवा सब डिविजन स्तर पर चालू की जाए। जिन किसानों की विद्युत पंपों की बिना जांच किए भारवृद्धि की गई है उसे अतिशीघ्र वापस लिया जाए। सभी वितरण केंद्र स्थल पर बिजली समस्या का समाधान केेम्प लगाकर किसानों की विद्युत एवं बिल समस्याएं हल की जाएं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खेत सडक़ योजना एवं बलराम कला योजना अतिशीघ्र चालू की जाए। प्रदेश के अंदर सभी घरों की मरम्मत की जाएं ताकि समय पर किसानों को पूरा पानी दिया जा सके। पूरे प्रदेश में सभी देसी गोपालक किसान को 900 रुपये प्रति गाय प्रतिमाह दी जाए। प्रदेश में जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए जैविक कृषि बोर्ड का गठन किया जाए, मुख्यमंत्री सम्मान निधि की राशि 4 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जाए।
राजस्व के प्रकरणों का पंचायत स्तर पर केम्प लगाकर समाधान किया जाए। जमीन क्रय करने वाले व्यक्ति को रजिस्ट्री के बाद अधिकतम सात दिवस के अंदर नामांतरण भी किया जाए ताकि वह जाल-साजी से बच सके। प्रदेश में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं से कृषि क्षेत्र की रक्षा की जाए तथा होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति भी शीघ्र की जाए। जिन क्षेत्रों में कृषि भूमि की गाईड लाईन बहुत कम है उसे बढ़ाया जाए। भूमि अधिग्रहण करते समय किसानों को गाईड लाईन का चार गुना मुआवजा दिया जाए। आवश्यक होने पर उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किया जाए। प्रदेश की मंडियों में कार्यरत महिला मजदूरों को हम्माल का दर्जा दिया जाए, विकास प्राधिकरणों का भंग किया जाएं जिससेे योजनाओं केे नाम पर किसानों के साथ होने वाली लूट बंद हो सकेगी, क्योंकि वर्तमान में अनेक कालोनीनाईजर सस्ते व सुलभ भुखण्ड जनता को उपलब्ध करवा रहे है। प्रदेश की मंडियों में मानक परीक्षण हेतु डोकेज टेेस्टिंग मशीनें लगाई जाएं एवं कृषि उपज तोलने हेतु दस टन के फ्लेट काटे लगाए जाए। भारतीय किसान संघ द्वारा बनाए गए सभी एफपीओ को सभी प्रकार की सरकारी सहायता उपलब्ध करवाई जाए। यह सभी मांगें मांग पत्र में शामिल की गई है।