रतलाम । दी ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ,रतलाम (म.प्र.) के अध्यक्ष सुरेन्द्र चत्तर (जैन) ने कृषि मंत्री कमल पटेल, श्री हरदीप सिंह डंग नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मंत्री, म.प्र. सरकार, प्रबंध संचालक महोदय, कृषि विपणन बोर्ड भोपाल, सहायक संचालक महोदय इंदौर संभाग, इंदौर, श्री चैतन्य जी काश्यप विधायक रतलाम शहर, श्री गोपाल दास अग्रवाल, अध्यक्ष अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ म.प्र. ने ज्ञापन के माध्यम अवगत करवाया कि खरगोन में बेडिय़ा गांव में बहुत बड़ी मिर्ची मंडी है जिसे मिनी गुंटूर के नाम से भी जाना जाता है। कई वर्षो से मंडी में आकर मध्य प्रदेश का व्यापारी माल खरीद रहा है और किसान को नगद भुगतान के बाद मंडी टैक्स भर कर माल अपने साथ ले जा रहा है, परंतु अभी कुछ दिनों से मंडी में बिचौलिए को अहमियत दी जा रही है ,मंडी में लोकल व्यापारी ही माल खरीद सकता है और बाहर के व्यापारी को माल लेने पर 10 प्रतिशत ज्यादा पैसे देने पड़ रहे है बिचौलि किसानों को कम पैसे देकर माल ले रहे है और छोटे उत्पादकों से 10 प्रतिशत कमीशन के साथ ज्यादा भाव के पैसे ले रहे है, छोटे उत्पादकों को मंडी से बाहर कर दिया है। मंडी सचिव महोदय मानने को तैयार नही है। मंडी की पुरानी व्यवस्था बिगड़ गई है। मध्य प्रदेश के किसान और मसाला उद्योग इस से प्रभावित है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कृषि कानून में क्रांतिकारी परिवर्तन करते हुए पूरे देश को एक बाजार में विकसित करने की पहल की थी,पर मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बाद भी कृषि उपज के व्यापार को बेडिय़ों में जकड़ा जा रहा है। आपसे निवेदन है की मध्य प्रदेश के मंडी लाइसेंसी व्यापारियों को उनके मंडी लाइसेंस की छाया प्रति ,लाइसेंस नंबर लिख कर एवं उनकी मंडी क्षेत्र का नाम लिख कर मंडी शुल्क अदा करने के पश्चात माल क्रय कर ले जाने की सुविधा दी जाए, जिससे पुरानी व्यवस्था को पुन: बहाल किया जा सके। ज्ञापन के माध्यम से बेडिय़ा मिर्च मंडी में म.प्र. के किसानों एवं मसाला उद्योगों को हो रही कठिनाई को दूर करने की मांग की है ।