24 घंटे के पूरे दिन में प्रभु का सुमिरन एवं धर्म का आचरण एक बार जरूर करना चाहिए – मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म. सा.

कोंकण (महाराष्ट्र) । परोपकार सम्राट गच्छाधिपति आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब के सुशिष्य प्रवचनदक्ष मुनिप्रवर श्री रजतचन्द्र विजयजी महाराज साहेब का कोंकण क्षेत्र के दापोली श्रीसंघ में भव्यातिभव्य वाजते गाजते धूमधाम से पिछले शनिवार को नगर प्रवेश किया गया। नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया । जगह-जगह मुनिश्री की गहूंली हुई। मंगल गीत गाय गए । जयकारे लगाए गए।
मुख्य चौराहे से होते हुए एवं नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरते हुए आराधना भवन श्री शीतलनाथ प्रभु जिनालय पहुंचे, जहां दर्शन वंदन भक्ति करने के पश्चात आराधना भवन में धर्मसभा प्रारंभ हुई। सर्वप्रथम सकल श्रीसंघ ने गुरुदेवश्री को वंदना की। गुरुदेव ने मंगलाचरण कर धर्मसभा की शुरुआत की। मुनिश्री ने बताया प्रभु की कृपा से जीवन में सफलता मिलती हैं। सद्भावना से घर में समृद्धि एवं प्रेम रहता है। 24 घंटे के पूरे दिन में प्रभु का सुमिरन और धर्म का आचरण एक बार जरूर करना चाहिए। धर्म के बिना व प्रभु के बिना जीवन सुना है, जैसे बिना पानी के सरोवर सुना रहता है। अच्छे एवं शुभ कार्य को कल पर कभी मत छोड़ो उन्हें तत्काल करने का भरपूर प्रयास करो। जीवन का कोई भरोसा नहीं इसलिए आतम हित साधना चाहिए। प्राचीन काल के सभी महापुरुषों धन से ही नहीं अपितु मन से भी शासन को समर्पित थे। वैसा समय लाने के लिए वैसे समर्पित होना जरूरी है। श्री राजेंद्र सुरीजी एवं श्री ऋषभचंद्र सुरीजी के चित्र पर श्री हंसमुखजी बम्बकी चेतनजी गुगलिया महेशजी जैन योगेशजी जैन प्रवीणजी जैन धर्मेन्द्रजी जैन महेंद्रजी जैन मुकेशजी जैन द्वारा माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में चेतनजी जैन एवं निशाजी जैन ने सुंदर स्वागत गीत प्रस्तुत किया । श्रीसंघ अध्यक्ष महेंद्रजी जैन एवं मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महेशजी जैन ने अपने सुंदर विचार रखें। कार्यक्रम के अंत में सकल श्रीसंघ व अतिथि महानुभावों की नवकारसी नाश्ता का आयोजन किया गया। धर्मसभा में बहार से पधारे अतिथि प्रवीणजी कटारिया निलेशजी ओसवाल राजेंद्रजी कोठारी जिनेश शाह एवं अन्जारला संघ वाकवली श्रीसंघ का दापोली श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया। प्रवीणजी कांतिलालजी सालेचा के.वी. ज्वैलर्स के यहां श्री आदिनाथ भगवान की मूर्ति स्थापना हुई। पगलियाजी आयोजन किया गया। कई गुरुभक्त परिवारों के यहां पर मंगलमय आशीर्वाद दिया गया। धर्मसभा प्रवचन विहार व्यवस्था मे सिफऱ् जैन समाज ही नहीं अजैन परिवारों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया ,सिर्फ तीन पंथ ही नही अजैंन परिवारो ने भी एकता का परिचय देते हुए जिनशाशन के प्रती आस्था व समर्पित भाव रखे यह एक अच्छा उदाहरण दापोली ग्राम में देखने मिला । श्री वर्दीचंदजी नेमीचंदजी परमार परिवार की ओर से सामैला व नवकारसी का लाभ लिया गया। राजूभाई खिवेसरा, दिनेशजी बंबकी, संतूभाई सालेचा, अभयजी पोखरना, संतोषजी मुकेशजी सामरा, मनोहरजी पितलिया भी उपस्थिति थे।

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