
मंदसौर पशुपतिनाथ मंदिर 19 नवंबर 2022 । भगवान और धर्म की ओट में महा मंडित व्यसन और बुराइयों से मानव समाज को मुक्ति दिलाना समय की सबसे बड़ी मांग है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंधक मंडलऔर आरती मंडलकर्मचारियों को संबोधित करते कहा कि धर्म का मुख्य लक्ष्य है तामसिकता से मुक्ति दिलाना सात्विकता को आगे बढ़ाना ।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों के त्याग बलिदान और साधना पालन करके आत्म शुद्धि करते हुए आदर्श प्रस्तुत किया उनके सिद्धांतों का आत्मसात करना उनकी भक्ति पूजा से श्रेष्ठ है। मुनि कमलेश ने कहा कि मांसाहारऔर नशा से मुक्त हुए बिना सात्विक विचारों का आत्मा में संचार नहीं हो सकता । राष्ट्रसंत ने बताया कि धर्मस्थल नशा मुक्ति पर्यावरण अहिंसा राष्ट्रभक्ति राष्ट्रीय एकता प्रेम और सौहार्द का संदेश विश्व स्तर प्रदान करें तभी विश्व शांति और रामराज का सपना साकार होगा।
जैन संत ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा मूल मंत्र बने भ्रष्टाचार हिंसा और नफरत अपनाने वाले को विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है । मंदिर प्रशासन प्रबंधक राहुल रुणबाल सहायक प्रबंधकओपी शर्मा दिनेश शर्मा अकाउंटेंट आरती मंडल के आरती मंडल के प्रमुख राजेश राव सभी की ओर से राष्ट्रसंत का अभिनंदन किया गया और पॉलिथीन मुक्त मंदिर परिसर को बनाने का आश्वासन दिया मुनि कमलेश ने पशु पतिनाथगौशाला का भी प्रस्ताव रखा जस्ट बोर्ड में चर्चा करने का आश्वासन दिया विजय खटोड़ मुकेश जैन विष्णु वीरवाल अजीत खटोड़ ने चर्चा में भाग लिया पुलिस प्रशासन की व्यवस्था राष्ट्रसंत के साथ प्रशंसनीय रही ।