मैत्री मोक्ष का प्रवेश द्वार है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर नई आबादी 21नवंबर 2022 । विश्व के सभी धर्मों का मूल प्राण मैत्री इसके बिना कितनी कठोर साधना कर ले घर में प्रवेश नहीं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि मैत्री मोक्ष का प्रवेश द्वार है। उन्होंने कहा कि खून का रंगा कपड़ा खून से साफ नहीं होता वैसे ही नफरत को नफरत से तीन कारण समाप्त नहीं किया जा सकता मैत्री द्वारा ही नफरत पर विजय प्राप्त होती है। कमलेश ने बताया कि मैत्रीकरने वाले के साथ नफरत करता है वह शैतान और राक्षस है और जो नफरत करने वाले के साथ मैत्रीकरता है धरती पर चलता फिरता महापुरुष।
राष्ट्रसंत ने कहा कि नफरत बारूद के ढेर से भी खतरनाक है इससे अगले का नुकसान हो या ना हो खुद के सद्गुण नष्ट हो जाते हैं । जैन संत ने कहा कि नफरत की ज्वाला आत्मा को दुर्गति में ले जाती है शरीर को रोगी बनाती है वह लोकप्रिय कभी नहीं हो सकता ।
विनोद कुमार जैन गरोठ बालों की ओर से प्रवचन आयोजित किए गए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से उनके परिवार का सम्मान किया गया महासती चंद बालाजी ने विचार व्यक्त किए। विजय खटोड़ ने संचालन किया। 22 नवंबर को रेवास देवड़ा में गौ रक्षा सम्मेलन का आयोजन दोपहर 2:00 बजे रखा गया है । इस अवसर पर यशपाल सिसोदिया विधायक मुख्य अतिथि उपस्थित होंगे।