लापरवाही में किया गया धर्म भी अधर्म में परिवर्तित हो जाता है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

प्रतापगढ़ कुलथाना 30 नवंबर 2022 । लापरवाही अराजकता और अव्यवस्था की जननी है अधर्म और पाप का पोषण करने वाली है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश कुलथाना जैन मंदिर में संबोधित करते कहा कि लापरवाही में किया गया धर्म भी अधर्म में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने कहा कि लापरवाही आध्यात्मिक सबसे बड़ा शत्रु है अपने आप में हिंसा है विश्व के सभी महापुरुषों ने लापरवाही त्यागने का संदेश दिया है।
कमलेश ने बताया कि अनर्थ की खान सफलता के कार्य भी असफलता के शिकार हो जाते हैं वह जीवन पशु से भी गया बीता होता है राष्ट्रसंत ने कहा कि लापरवाही वाला व्यक्ति संतबन जाए कठोर साधना कर ले तो भी आध्यात्मिकता में प्रवेश नहीं हो सकता।
जैन संत ने बताया कि लापरवाही वाला जीवन फूटी मटकी के समान होता है जिसमें भरा हुआ अमृत भी बह जाता है। अमृतलाल वीरवाल एसआई कवर लाल प्रवीण बाप ना कन्हैयालाल श्रावक रमेश चंदेल राजेश चंदेल प्रकाश बाई एकता बाई प्रविता तारखेचा संजय जैन ने मुनियों का अभिनंदन किया राजस्थान पुलिस प्रशासन की सेवा प्रशंसनीय रही मध्य प्रदेश बॉर्डर पर मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने स्वागत किया। 1 दिसंबर को आकोदड़ा में मंगरी माता कृष्ण कमल गौशाला का उद्घाटन विधायक यशपाल सिसोदिया के द्वारा किया जाएगा मुख्य अतिथि मंदसौर जिला धीश गौतम सिंह जी पुलिस अधीक्षक अनुराग मुख्य अतिथि के रूप में होंगे।

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