
जावरा (अभय सुराणा) । मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2023 में लागू की जाने वाली युवा नीति हेतु विद्यार्थियों से सुझाव आमंत्रित करने हेतु शासकीय महाविद्यालय कालूखेड़ा में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्या अर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मिलिंद डांगे एवं डॉ सी एम मेहता द्वारा किया गया | संगोष्ठी में विभिन्न विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा अपने सुझाव दिए गए; जिसमें महाविद्यालय के छात्र युवराज सिंह चंद्रावत ने कहा कि युवा नीति में प्राथमिक स्तर की शिक्षा पद्धति पर विशेष जोर देना चाहिए , छात्रा इशिका आंजना ने अपने वक्तव्य में कहा कि नई शिक्षा नीति मे आने वाली समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए, छात्र लक्ष्मण सिंह ने खेल संबंधी पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए कहा जिससे विद्यार्थी प्रत्येक खेल विधा से रूबरू हो सकेंगे, छात्र हेमंत सोलंकी ने अपने वक्तव्य में कहा कि धार्मिक ग्रंथों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए जिससे छात्र महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर देश के विकास में योगदान दे सकेंगे| महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर एंजेला सिंगारे, डॉक्टर हृदेश्वर गुप्ता, प्रोफेसर चेतन देवड़ा, प्रोफेसर हुमा मंसूरी, प्रोफेसर नाजिश शेख, डॉक्टर चेतना कोठारी, प्रोफेसर अर्चना पांडे, डॉक्टर जयप्रकाश सारवान एवं क्रीडा अधिकारी विजय दीक्षित ने युवा नीति पर अपने सुझावों से अवगत कराया | संगोष्ठी के प्रारंभ में डॉक्टर सीएम मेहता ने युवा नीति का उद्देश्य और 5 प्राथमिक क्षेत्र : शिक्षा, रोजगार- उद्यमिता, युवा नेतृत्व एवं विकास, स्वास्थ्य एवं खेल एवं सामाजिक न्याय के संबंध में विद्यार्थियों से विस्तृत चर्चा की |कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर एंजेला सिंगारे एवं आभार डॉक्टर चेतना कोठारी द्वारा किया गया | यह जानकारी प्रेस नोट में महाविद्यालय के विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफ़ेसर हुमा मंसूरी द्वारा दी गई |