रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 28.12.2022 को अभियुक्त दयाराम पिता रंगजी जाति भगोरा भील नि. मान्याबरी जिला रतलाम को धारा 5(एल)/6 एवं 5 (जे-ii)/6 पॉक्सो एक्ट में क्रमष: में 10-10 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000-1000 रू. अर्थदण्ड तथा भादसं. की धारा 366 में 5 वर्ष कठोर करावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड एवं भादसं. की धारा 363 में 3 वर्ष कठोर करावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि अभियोक्त्री के पिता ने थाना सैलाना पर दिनांक 13.01.2018 को उपस्थित होकर बताया कि मेरी लडकी अभियोक्त्री उम्र 17 वर्ष कि है जो दिनांक 11-01-18 को दोपहर मेरी पत्नी घर पर थी मैं तथा मेरे दोनों लडके हम सैलाना बाजार मजदूरी करने आ गये। फिर हम सैलाना मजदूरी कर वापस घर आ गया तो मेरी पत्नी ने मुझे बताया की अभियोक्त्री बिना बताये घर से कही चली गई, तौ मैंने अभियोक्त्री को आसपास रिष्तेदार में तलाष की अभियोक्त्री को मेरे गांव का दयाराम पिता रंगजी भगोरा नि. मान्याबारी का ही अभियोक्त्री को पुन: बहला फुसलाकर षादी करने कि नियत से भगा कर ले गया है पहले भी मेरी लड़की अभियोक्त्री को बहला फुसलाकर षादी करने की नियत से भगाकर ले गया था। जो थाना बाजना पर अपराध क्र. 340/17 धारा 363,366,376 भादवि का कायम होकर विवेचना में था जो गिरफ्तार नहीं हुआ था जो पुन: मेरी लडकी सुनिता को भगा ले गया है आज मैं अपनी पत्नी को साथ लेकर रिपोर्ट करने आया हूं।
फरियादिया की उक्त सूचना पर से थाना सैलाना जिला रतलाम द्वारा अभियोक्त्री के गुम सूचना क्र. 02/2018 रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 12/2018 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.सं. की धारा 363,366 के अंतर्गत आरोपी दयाराम के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 31.05.2018 को पुलिस द्वारा आरोपी दयाराम के कब्जे से अभियुक्त्री को दस्तयाब किया गया। अभियोक्त्री ने अपने कथन में बताया कि आज से करीबन साढे चार महिने पहले में अपने घर के पास ही खेत पर काम कर रही थी। मेरे मम्मी, पापा एवं भाई सभी मजदूरी करने सैलाना गये थे। खेत पर मेे अकेली ही काम रही थी तो मेरे गांव का अभियुक्त दयाराम भगोरा मेरे खेत पर आया और मेरा मूह दबाकर मुझे उठाकर बाद पैदल बोईडी लेकर उसकी बहन के घर ले गया एक दिन बाद मुझे बोईडी से ग्राम छावनी जोडिया लेकर गया। वहाँ पर मुझे अपने मामा के यहां करीबन 01 माह रखा बाद मजदूरी करवाने के लिए गांधीधाम खारा समुद्र के पास लेकर गया। वहॉ पर अभियुक्त दयाराम भागोर के मामा एवं उसके माता-पिता सभी थे। मुझे भी वहीं पर रखा एवं मुझे सभी डराते धमकाते थे एवं अभियुक्त दयाराम भगोरा मेरे साथ रोज खोटा काम (बलात्कार) करता था एवं दिन मजदूरी करवाता था। मैने कई बार वहां से भागने का प्रयास किया लेकिन मुझे नहीं भागनें दिया। बाद मेरी तबियत खराब हो गई तो अभियुक्त दयाराम भगोरा मुझे इलाज करवाने व वापस गुजरात ले जाने के लिए षिवगढ आये। तो मैं व अभियुक्त दयाराम भगोरा दोनो षिवगढ में आम के बगीेचे के पास जा रहे थे कि पुलिस आ गई जिसको देखकर अभियुक्त दयाराम मुझे अकेला छोड कर भाग गया। पुलिस ने पीडिता को गर्भवती अवस्था में दस्तयाब किया था बाद में पुलिस ने दयाराम कि तलाष की, नहीं मिला तो पुलिस मुझे लेकर थाना कथन मेरे कहे अनुसार लिखे।
पीडिता के दस्तयाबी के पष्चात पीडिता की 02 महीने बाद पीडिता की तबयत खराब हुई और उसका पेट दर्द होने लगा अधिक दर्द होने की वजह से बच्चा गिर गया। फिर पुलिस को सूचना दी और सीएचसी सैलाना भिजवाया गया जहां पीडिता के बच्चे का भ्रूण प्रिजर्व किया गया एवं उस भ्रूण का डीएनए आरोपी के डीएनए से मेच करवाया गया। जिसमें आरोपी एवं पीडिता के बच्चे का डीएनए मेच हुआ है।
विवेचना के दौरान अभियुक्त दयाराम को दिनांक 20.12.2019 गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरंात अभियोग पत्र धारा 363, 366, 376, 352, 376(2)(एन) भादवि 5एल/6 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त दयाराम पिता रंगजी जाति भगोरा भील नि. मान्याबरी के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 28.12.2022 में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य के आधार पर एवं डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक होने से अभियुक्त दयाराम को दोषसिद्ध किया गया है।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।