राष्ट्रसंत के प्रति निष्ठा, संघ भक्तो ने आभार माना
भीलवाड़ा/फुलिया कला । प्राज्ञ दिवाकर भव्य दर्शन मुनि जी महाराज साहब का आज फुलिया कला (राजस्थान) मैं मंगल प्रवेश हुआ। फुलिया कला में मंगल प्रवेश एवं आचार्य सुदर्शन मुनि जी महाराज साहब के साथ के साथ भव्य मिलन समारोह हुआ जिसमें भव्य दर्शन मुनि जी महाराज साहब ने कहा की मैं अब दोबारा यहां पर आया हूं तो एक हाथ में शस्त्र और दूसरे हाथ में शास्त्र लाया हूं और मुझे मेरे राष्ट्रसंत गुरु कमल मुनि जी कमलेश में आपकी सेवा में मुझे भेजा है । मैं सुदर्शन मुनि का शिष्य था और हुं अब मेरे दो गुरु है । उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने मैं जब टूट गया था अंदर से समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करूं उस वक्त मुझे मार्गदर्शन देकर मेरे इस साधु जीवन को और निखारा है । मुझे पुत्र के समान लाड प्यार दिया है । उन्होंने राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश के प्रति अपनी कृतज्ञता को प्रकट करते हुए दिवाकर मंच के कार्यकर्ताओं का भी आभार माना और रतलाम की इस भूमि को वह हमेशा याद रखेंगे जो प्यार और स्नेह दिवाकर मंच व वह राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश का आभार माना और कहां कि आज मैं वापस इस साधु के वेश में हूं तो महाराज साहब कमल मुनि जी की वजह से हू ।आचार्य सुदर्शन मुनि जी महाराज साहब ने भी राष्ट्रसंत कमल मुनि जी महाराज साहब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहां की ऐसे महान संत का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा और सुदर्शन मुनि ने अपनी इच्छा व्यक्त की मैं अपना होली चातुर्मास कमल मुनि जी महाराज साहब के साथ मिल कर बनाना चाहता हूं और दिवाकर जी महाराज संत श्री कमल मुनि जी कमलेश महाराज साहब आप हमारे लिए अत्यधिक वंदनीय हो गए हो पूरा हाल गुरु देव के प्रवचन से भाव विभोर हो गया ।