
जावरा (अभय सुराणा)। जहाँ अनादिकाल से जिस धरती संस्कृति का अपना धार्मिकता से परिपूर्ण एक अलग ही महत्व एवं स्वरुप होता है वह धरती पुज्यनीय वंदनीय होती है जिसके स्पर्श मात्र से हमारा कल्याण संभव हो जाता है ऐसे ही पावन धरा जो विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन में विराजमान कालों के काल राजाधिराज श्री मंहाकाल एवं श्री अवंतिका पार्श्वनाथ, एवं भेरुगढ मे विराजित श्री मणिभद्र वीर देवाधीदेव एवम् उज्जैन धरा पर निर्मित मंहाकाल लोक जो आज के इस दौर मे हमें भगवान शंकर भोलेनाथ के समय का ज्ञान कराते है यह स्थल सभी के लिये कुछ सिखने समझने के साथ धार्मिकता के महत्व को दर्शाती है निश्चित रुप से आज जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार धन्य हो गया कि हमें मंहाकाल लोक के दर्शन वंदन के साथ निहारने का एक अनुठा अवसर प्राप्त हुआ उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक ग्रुप के पूर्वाध्यक्ष आशीष पोखरना एवं ग्रुप के कोषाध्यक्ष शंशाक मेहता ने बताया की जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार की एक दिवसीय धार्मिक यात्रा ग्रुप के अध्यक्ष राजीव लुक्कड के नेतृत्व में जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार के 92 सदस्यों का एक धार्मिक दार्शनिक टुर जावरा से दो बसों के माध्यम से रवाना होकर भेरुगढ में विराजमान श्री मणिभद्र देव के दर्शन वंदन कर मंहाकाल लोक एवं महाकालेश्वर के दर्शन वंदन के साथ मंहाकाल का भ्रमण कर वहां कि संस्कृति को देखकर जेएसजी मैत्री परिवार के सदस्य मंत्रमुग्ध हुए। इस यात्रा मे जैन सोश्यल ग्रुप्स इन्टरनेशनल फेडरेशन के अंतराष्ट्रीय सहसचिव अनिल धारीवाल, धार्मिक जागरुकता कमेटी चेयरमैन व रीजन के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप रांका, रीजन कोषाध्यक्ष पंकज काठेड, अजय पटवा, राजेश पोखरना, आलोक बरैया, मनीष मेहता, मनीष पोखरना, अर्पल कोचट्टा, सर्राफ पियुष काठेड, संदीप दसेडा, आशीष चत्तर,मयूर कोठारी,अनिश मेहता,पुखराज सुराणा, लविश आचंलिया, विकास सियार, आकाश मेहता,रितेश चोहान, आशीष जैन,पुखराज संचेती,मनीष धारीवाल, अल्पेश कावडीया, विपिन रांका,मयूर कोठारी,आकाश रूनवाल,पंकज जैन,राजेश हिंगड़,हितेश मेहता,अभिषेक ओरा, जितेश पगारिया,गौरव धोका,आशीष चपड़ोद,आशीष पोखरना,शशांक मेहता आदि दम्पत्ति सदस्य उपस्थित थे।